करैरा में कांग्रेस को जीत के लिए साफ स्वच्छ छवि के उम्मीदवार को देना होगा टिकट

MP DARPAN
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प्रागीलाल जाटव, मानसिंह फौजी, पूर्व विधायक शकुंतला, दिनेश परिहार में से हो सकता है उम्मीदवार
शिवपुरी। जिले की दो विधानसभा क्षेत्र जिनमें करैरा और पोहरी में उपचुनाव होना है। इस बार करैरा विधानसभा में कांग्रेस की ओर से साफ-स्वच्छ छवि और स्थानीय उम्मीदवार को ज्यादा बजन मिल सकता है। इस विधानसभा में जो नाम चर्चा में आ रहे हैं उनमें सबसे बसपा से तीन बार चुनाव लड़ चुके प्रागीलाल जाटव का है, लेकिन कांग्रेस के कार्यकर्ता प्रागीलाल जाटव का खुलकर विरोध कर रहे हैं। इसके बाद उम्मीदवारों में पूर्व विधायक शकुंतला खटीक का नाम भी शामिल है, लेकिन इन पर विधायकी कार्यकाल में पुलिस थाने में आग लगाने का आरोप इनकी छवि को धूमिल कर रहा है। इसके अलावा मानसिंह फौजी का नाम भी शामिल है जो प्रबल दावेदार के रूप में उभरकर सामने आ रहे हैं क्योंकि इनकी साफ-स्वच्छ और स्थानीय वाली छवि इनका सकारात्मक पक्ष बना हुआ है। इसके अलावा दिनेश परिहार का नाम भी उम्मीदवारों की दौड़ में शामिल हैं, लेकिन यह उम्मीदवार स्थानीय नहीं है, बल्कि कुछेक सालों से यह क्षेत्र में निवासरत हैं। इनके बारे में बताया जाता है कि इन पर कई पुलिस प्रकरण दर्ज हैं।
उल्लेखनीय है कि इस बार उपचुनाव में भाजपा की ओर से संभावित उम्मीदवार पूर्व विधायक जसमंत जाटव बने हुए हैं। उनकी काट करने के लिए कांग्रेस भी इस बार जाटव समुदाय से उम्मीदवार मैदान में उतारकर पूर्व विधायक की एंटीइन्कमवेंसी का फायदा उठा सकती है। जाटव समुदाय से उम्मीदवारों की बात करें तो प्रागीलाल जाटव और मानसिंह फौजी का नाम सामने आता है, लेकिन प्रागीलाल जाटव का स्थानीय कांग्रेस में जमकर विरोध के चलते मानसिंह फौजी ही एकमात्र जाटव समुदाय से उम्मीदवार बचते हैं। यदि यहां मानसिंह फौजी की बात करें तो उनकी छवि क्षेत्र में युवा किसान हितैषी नेता के रूप में बनी हुई। उनके द्वारा समय-समय पर जनहितैषी मुद्दों को स्थानीय प्रशासन के आगे उठाया जाता है जिस कारण से क्षेत्र में उनकी छवि किसान हितैषी बनी हुई है। वह भले ही कांग्रेस के वर्षों पुराने कार्यकर्ता नहीं है, लेकिन उन्होंने कम समय में ही क्षेत्र में और कांग्रेस की राजनीति में पूरी तरह से सक्रिय होकर अपनी पकड़ मजबूत की है। यदि कांग्रेस उन्हें उम्मीदवार बनाती है तो निश्चित ही कांग्रेस को क्षेत्र में जाटव समाज के अलावा अन्य समाजों से भी मजबूती मिल सकती है।
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