विधि छात्र ने नोटिस में लिखा 7 दिन मेें शहर से सुअरों को नहीं हटाया गया तो की जाएगी अवमानना की कार्रवाई
शिवपुरी। विधि छात्र अंचित जैन ने माननीय उच्च न्यायालय के आदेश का 6 साल बाद भी पालन न होने पर कलेक्टर को हाईकोर्ट की अवमानना का नोटिस जारी किया है। माननीय उच्च न्यायालय ने शहर से सूअरों की समस्या समाप्त करने के लिए प्रशासन व नगर पालिका को निर्देश दिए थे। नोटिस में अल्टीमेटम दिया गया है कि 7 दिन में माननीय उच्च न्यायालय द्वारा जनहित याचिका में पारित आदेश का अनुपालन नहीं किया गया तो संबंधितों के विरूद्ध व्यक्तिगत रूप से न्यायालय की अवमानना की कार्रवाई संस्थित की जाएगी।
छात्र अंचित जैन ने बताया कि डॉ. राजेंद्र गुप्ता द्वारा वर्ष 2012 में एक जनहित याचिका माननीय उच्च न्यायालय खंडपीठ ग्वालियर के समक्ष सूअरों को शहर से हटाए जाने बावत प्रस्तुत की गई थी। जनहित याचिका क्रमांक 1372/2012 डॉ. राजेंद्र गुप्ता बनाम मध्यप्रदेश शासन का निराकरण 7 अप्रैल 2014 को दिशा निर्देशों के साथ किया गया था। उन दिशा निर्देशों का आज 6 साल बाद भी पालन नहीं किया गया। माननीय उच्च न्यायालय ने निर्देशित किया था कि कलेक्टर शिवपुरी एवं नगर पालिका दो माह के भीतर सूअरों को नगर पालिका सीमा क्षेत्र से बाहर करें। इस अवधि के बाद यदि कोई सूअर पाया जाता है तो उसे विनिष्ट किया जावें। हाईकोर्ट ने यह भी आदेश में लिखा था कि नगर पालिका के ऐसे कर्मचारी जो सूअर पालक हों उनके विरूद्ध अनुशंसानात्मक कार्यवाही एवं सेवा पृथक की कार्रवाई की जाएगी। किसी व्यक्ति के पास कोई सूअर पाए जाते हैं तो नगर पालिका अधिनियम के तहत उसके खिलाफ न्यायालयीन कार्यवाई की जाए। आदेश में यह भी लिखा गया था कि नगर पालिका द्वारा सूअर पालकों की सूची रजिस्ट्रार हाईकोर्ट के समक्ष प्रस्तुत की जाए। माननीय हाईकोर्ट ने आदेश का पालन करने के लिए 3 माह का समय दिया था।

