पुरानी रंजिश में की गई थी बेरहमी से मारपीट
शिवपुरी। भौंती थाना क्षेत्र के खेरोना गांव में हुए दिलीप आदिवासी हत्याकांड में खोड़ चौकी पुलिस ने प्रभावी कार्रवाई करते हुए फरार चल रहे दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। हत्या के इस गंभीर मामले में लंबे समय से फरार फूल सिंह आदिवासी एवं तुलसीराम आदिवासी को 8 जनवरी 2026 को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में पेश किया गया। इस कार्रवाई से क्षेत्र में कानून का भय और पुलिस की सक्रियता स्पष्ट रूप से दिखाई दी। यह सफलता पुलिस अधीक्षक अमन सिंह राठौड़ के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संजीव मुले के मार्गदर्शन, एसडीओपी पिछोर प्रशांत शर्मा एवं भौंती थाना प्रभारी घनश्याम भदौरिया के नेतृत्व में हासिल की गई। विशेष रूप से खोड़ चौकी प्रभारी उनि कुसुम गोयल के नेतृत्व में गठित टीम ने लगातार दबिश देकर आरोपियों को पकडऩे में अहम भूमिका निभाई।
खोड़ चौकी प्रभारी कुसुम गोयल के अनुसार, 20 दिसंबर 2025 को ग्राम खेरोना में पुरानी रंजिश के चलते फूल सिंह आदिवासी, तुलसीराम आदिवासी सहित अन्य लोगों ने लाठी-डंडों से दिलीप आदिवासी के साथ मारपीट की थी। गंभीर रूप से घायल दिलीप का परिजनों द्वारा गांव में ही इलाज कराया जा रहा था, लेकिन हालत बिगडऩे पर 28 दिसंबर 2025 की सुबह उसकी मृत्यु हो गई। फरियादिया कमला आदिवासी की रिपोर्ट पर अपराध क्रमांक 395/25 दर्ज कर विवेचना शुरू की गई। हत्या जैसे संगीन अपराध को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर खोड़ चौकी पुलिस ने क्षेत्र में सघन तलाश अभियान चलाया। मुखबिर सूचना और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर फरार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। उक्त कार्रवाई में निरीक्षक घनश्याम भदौरिया (थाना प्रभारी भौंती), उनि कुसुम गोयल (चौकी प्रभारी खोड़), सउनि मुनेन्द्र सिंह भदौरिया, आरक्षक रवि शर्मा, सैनिक हनुमंत सिंह, भागीरथ एवं निकिल की सराहनीय भूमिका रही।

