प्रशासन ने कार्रवाई कर दिया कड़ा संदेश
शिवपुरी। करैरा में अवैध खनन के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी और सख्त कार्रवाई सामने आई है। करैरा तहसील क्षेत्र में मुरम एवं बोल्डर खनिज के अवैध उत्खनन का मामला सिद्ध पाए जाने पर कलेक्टर रविन्द्र कुमार चौधरी ने संबंधितों पर 54 करोड़ 58 लाख 32 हजार रुपये से अधिक की भारी-भरकम शास्ति अधिरोपित की है। इस कार्रवाई से जिलेभर में खनन माफियाओं में हड़कंप मच गया है।
कलेक्टर को तहसीलदार करैरा एवं खनिज विभाग शिवपुरी द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन में यह तथ्य सामने आए कि कस्बा करैरा स्थित सर्वे नंबर 1898 के भाग में अनावेदक भावेश गोयल, वीनस गोयल एवं राजेश गोयल, निवासी करैरा द्वारा 1 लाख 81 हजार 944 घनमीटर मुरम व बोल्डर खनिज का अवैध उत्खनन किया गया। जांच में अवैध खनन पूरी तरह प्रमाणित होने के बाद यह कठोर निर्णय लिया गया।
15 गुना रॉयल्टी और पर्यावरण क्षति की वसूली
प्रशमन नहीं किए जाने की स्थिति में म.प्र. खनिज (अवैध खनन, परिवहन एवं भंडारण का निवारण) नियम 2022 के तहत नियम 18 एवं 18(5) के उल्लंघन पर रॉयल्टी की 15 गुना राशि 13 करोड़ 64 लाख 58 हजार रुपये तथा पर्यावरण क्षतिपूर्ति की समान राशि मिलाकर कुल 27 करोड़ 29 लाख 16 हजार रुपये की दोगुनी शास्ति लगाते हुए कुल 54 करोड़ 58 लाख 32 हजार रुपये की वसूली तय की गई है। प्रशासन ने निर्देश दिए हैं कि यह राशि आदेश की तिथि से 30 दिवस के भीतर खनिज मद 0853 में जमा कराई जाए। नियत समय में भुगतान नहीं होने पर वैधानिक कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है। हालांकि, संबंधित पक्ष को नियमानुसार अपील का अधिकार रहेगा। कलेक्टर ने अनुविभागीय अधिकारी करैरा को निर्देशित किया है कि संबंधित भूमि का स्थल निरीक्षण कर खसरा अभिलेखों से मिलान किया जाए। यदि मौके पर अवैध कॉलोनी या छोटे भूखंडों का अवैध क्रय-विक्रय पाया जाता है तो म.प्र. नगरपालिका अधिनियम 1961 की धारा 339(ग) के तहत प्रकरण तैयार कर 15 दिन में प्रतिवेदन प्रस्तुत किया जाए।


