सिलारपुर में क्रेशर पर ब्लॉटिंग से दहला गांव, घरों पर गिरे पत्थर, ग्रामीणों का फूटा गुस्सा, फोरलेन जाम, क्रेशर सील

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कई मकानों की छतें और दीवारें क्षतिग्रस्त

शिवपुरी। करैरा तहसील के ग्राम सिलारपुर में मंगलवार देर शाम क्रेशर खदान में किए गए डायनामाइट ब्लास्ट ने बड़ा बवाल खड़ा कर दिया। ब्लास्ट के दौरान तेज धमाके के साथ भारी-भरकम पत्थर हवा में उड़कर सीधे ग्रामीणों के घरों पर जा गिरे, जिससे कई मकानों की छतें और दीवारें क्षतिग्रस्त हो गईं। अचानक हुई इस घटना से पूरे गांव में दहशत फैल गई, जबकि लोगों ने बाल-बाल जान बचाई। 
ग्रामीणों का आरोप है कि कोटा-झांसी फोरलेन से लगे इस क्रेशर में लंबे समय से बिना सुरक्षा मानकों के डायनामाइट से पत्थर उत्खनन किया जा रहा है। पहले भी कई बार शिकायतें की गईं, लेकिन कार्रवाई नहीं होने से हालात लगातार बिगड़ते गए। ग्रामीणों का कहना है कि यदि पत्थर सीधे किसी व्यक्ति पर गिरता तो बड़ी जनहानि हो सकती थी। घटना से आक्रोशित सैकड़ों ग्रामीणों ने एकजुट होकर कोटा-झांसी फोरलेन पर चक्का जाम कर दिया। अचानक लगे जाम से हाईवे पर दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यात्री बसों सहित सैकड़ों वाहन डेढ़ घंटे तक फंसे रहे। मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही करेरा एसडीएम अनुराग निगवाल और टीआई विनोद छावई पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने आक्रोशित ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन लोग क्रेशर को बंद करने की मांग पर अड़े रहे। स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए संबंधित क्रेशर को तत्काल सील कर दिया, जिसके बाद ही जाम समाप्त हुआ। प्रशासन के अनुसार यह क्रेशर पट्टे की भूमि पर संचालित था, जिसे सुरक्षा कारणों से सील किया गया है और आगे की जांच जारी है। लगभग डेढ़ घंटे तक चले इस हाईवोल्टेज ड्रामे ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि भविष्य में दोबारा ब्लास्टिंग हुई तो आंदोलन और उग्र रूप लेगा।

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