शिवपुरी। नर्सरी ग्राउण्ड स्थित श्रीमद् भागवत कथा में शनिवार का दिन पूर्णतः भक्ति, वैराग्य और सनातन संस्कृति की महिमा को समर्पित रहा। कथा के षष्ठम दिवस पर बागेश्वरधाम पीठाधीश्वर पं. धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री ने मानव जीवन के गूढ़ सत्य को सरल शब्दों में समझाते हुए कहा कि भिक्षावृत्ति का पात्र तो भिक्षा से भर सकता है, पर मन की इच्छाओं का पात्र कभी नहीं भरता। जिसने इस पात्र पर नियंत्रण पा लिया, वही भगवान का सच्चा भक्त और जीवन का ज्ञानी है।
कथा यजमान श्रीमती ऊषा–रामप्रकाश गुप्ता तथा श्रीमती शिल्पी–कपिल गुप्ता (कपिल मोटर्स) परिवार द्वारा आयोजित इस विराट अध्यात्मिक अनुष्ठान में शनिवार को श्रद्धालुओं का ऐसा सैलाब उमड़ा जिसने सिद्ध कर दिया कि शिवपुरी अब सनातन, संस्कृति और अध्यात्म का नया अध्याय लिख रहा है। लाखों की उपस्थिति ने यह संदेश दिया कि हिन्दू समाज एकजुट होकर धर्म, अध्यात्म और राष्ट्रधर्म के पथ पर दृढ़ता से आगे बढ़ रहा है।
धन का सदुपयोग और इच्छाओं पर संयम, शास्त्रीजी का दिव्य संदेश
अपने दिव्य प्रवचन में पं. शास्त्रीजी ने कहा कि अमीर वह नहीं जो महंगी गाड़ियों में घूमता है, बल्कि धन का सच्चा धनी वह है जो अपने संसाधनों का सदुपयोग धर्म, दान और समाज सेवा में लगाता है। उन्होंने कहा कि धन मिट्टी है, पर इसका सदुपयोग ही इसे अमर बनाता है। मन की इच्छाओं पर संयम और धन की सत्कार्यता ही मानव जीवन का असली सौंदर्य है। इस अवसर पर साधु–संतों में श्रीगुरूप्रसाद जी, ग्वालियर महाराजश्री, मेहगांव के महाराजश्री, करैरा बगीचाधाम के महाराजश्री, महामण्डलेश्वर पुरुषोत्तमदास जी तथा श्रीबांकड़े हनुमान मंदिर महंत डॉ. गिरीश महाराज सहित बड़ी संख्या में संतजनों ने उपस्थिति दर्ज की। अबोध बालकों द्वारा की गई आरती ने वातावरण को और अधिक भक्तिमय बना दिया।
शहर के प्रमुख हनुमान मंदिरों में पं. शास्त्रीजी का दण्डवत प्रणाम
कथा के दौरान पं. धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री ने शिवपुरी के प्रमुख हनुमान मंदिरों श्रीखेड़ापति हनुमान मंदिर, एबी रोड स्थित श्रीतुलसी आश्रम बड़े हनुमान मंदिर तथा प्राचीन सिद्धस्थल श्रीबांकड़े हनुमान मंदिर में पहुंचकर दण्डवत प्रणाम किया और दर्शन-आशीर्वाद प्राप्त किया। मंदिरों में महंतों और साधु-संतों ने शॉल ओढ़ाकर, पुष्पहार पहनाकर उनका स्वागत किया। शास्त्रीजी ने बताया कि स्वप्न में एक दिव्य वृद्ध पुरुष ने उन्हें श्रीबांकड़े हनुमान मंदिर का मार्ग दिखाया, जिसके बाद वे सीधे उस सिद्धस्थल पहुंचे और गहन आध्यात्मिक अनुभूति प्राप्त की।
कथा यजमान परिवार में हुआ भव्य स्वागत
बीती रात्रि कथा यजमान परिवार द्वारा अपने निज निवास पर पं. शास्त्रीजी का भव्य स्वागत किया गया। मेरे सरकार आए हैं भजन के साथ जब महाराजश्री के पावन चरण द्वार पर पड़े, तो वातावरण भक्तिमय हो उठा। बड़ी संख्या में भक्तगण वहां मौजूद रहे। पुलिस प्रशासन ने अनुशासन व सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ तरीके से संभाला। इसके पश्चात पं. शास्त्रीजी ने माँ राज राजेश्वरी मंदिर पहुंचकर दर्शन किए और शिवपुरी की दिव्य शक्ति का आशीर्वाद प्राप्त किया।
आज होगा दिव्य दरबार, प्रेत बाधाओं से मुक्ति का विशेष अनुष्ठान
कथा के विश्राम दिवस पर आज 30 नवंबर को दोपहर 12 बजे से 2 बजे तक श्रीमद् भागवत कथा होगी, जिसके बाद सन्यासी बाबा की कृपा से भव्य दिव्य दरबार लगेगा। पं. शास्त्रीजी मंत्रोच्चारण और तंत्र-विधान द्वारा श्रद्धालुओं की प्रेत बाधाओं, तंत्र-मंत्र, अनिष्ट शक्तियों और मानसिक कष्टों को दूर करेंगे। सभी भक्तों से अनुरोध है कि वे अपने घर से लाल कपड़े में लिपटा एक नारियल लेकर आएं, जिसे प्रेतबाधा निवारण हेतु अभिमंत्रित किया जाएगा।
जानकी सेना संगठन ने किया संगीतमय सुंदरकाण्ड
कथा स्थल पर अखिल भारतीय जानकी सेना संगठन द्वारा संगीतमय सुंदरकाण्ड का भव्य पाठ किया गया। राष्ट्रीय अध्यक्ष विक्रम सिंह रावत, महासचिव नरेशप्रताप सिंह बॉबीराजा सहित 1100 से अधिक सदस्यों ने अनुशासित रूप से भाग लेकर समूचे वातावरण को रामभक्ति की मधुर ध्वनियों से गुंजायमान कर दिया।

