शादी का सपना दिखाकर साइबर ठगी: फिजीकल पुलिस ने दो फर्जी मैट्रीमोनियल कॉल सेंटरों का किया पर्दाफाश

MP DARPAN
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शिवपुरी। ऑनलाइन शादी के सपनों को हकीकत बताकर लोगों की जेब खाली करने वाले एक सुनियोजित साइबर गिरोह का फिजीकल पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। फिजीकल थाना पुलिस की छापामार कार्रवाई में शहर में संचालित दो अवैध मैट्रीमोनियल कॉल सेंटर पकड़े गए, जहां से एक दर्जन से अधिक युवतियां, महिलाएं और कुछ पुरुष कर्मचारी मिले। यह गिरोह लंबे समय से शादी का झांसा देकर लोगों से हजारों-लाखों रुपए की ठगी कर रहा था। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी खुद की वेबसाइट बताकर मैट्रीमोनियल प्लेटफॉर्म का फर्जी नेटवर्क चला रहे थे। आकर्षक प्रोफाइल, मनमोहक तस्वीरें और भावनात्मक बातचीत के जरिए क्लाइंट को भरोसे में लिया जाता था। जैसे ही रिश्ता तय होने की उम्मीद जगती, वैसे ही पैकेज और सब्सक्रिप्शन के नाम पर पैसे ऐंठने का खेल शुरू हो जाता था।

पुलिस अधीक्षक अमन सिंह राठौड़ के निर्देशानुसार अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संजीव मुले एवं सीएसपी शिवपुरी संजय चतुर्वेदी के मार्गदर्शन में फिजीकल थाना पुलिस को शुक्रवार को मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि टीव्ही टावर रोड स्थित अवध हॉस्पिटल के पास प्रियदर्शनी कॉलोनी तथा झांसी रोड तिराहा भारत गैस एजेंसी के समीप अवैध रूप से मैट्रीमोनियल कॉल सेंटर संचालित किए जा रहे हैं, जहां शादी का झांसा देकर युवकों से ठगी की जा रही है। सूचना के आधार पर फिजिकल थाना पुलिस ने एक साथ दो स्थानों टीवी टॉवर रोड स्थित प्रियदर्शनी कॉलोनी और झांसी तिराहा क्षेत्र पर दबिश दी। जांच में सामने आया कि आरोपी यूनिक रिश्ते डॉट कॉम एवं शादी मैचिंग डॉट कॉम नामक फर्जी वेबसाइटों का उपयोग कर युवकों को शादी के लिए प्रलोभित करते थे। कॉल सेंटरों में कार्यरत कर्मचारी महिला बनकर (प्रतिरूपण कर) मोबाइल व कंप्यूटर के माध्यम से बातचीत करते और क्यूआर कोड एवं बैंक खातों के जरिए पैसे ट्रांसफर करवा लेते थे। मौके पर उपस्थित मैनेजर देवेश बरैया एवं स्टाफ से पूछताछ में खुलासा हुआ कि इस गिरोह का संचालन विवेक एवं अमित जैन द्वारा किया जा रहा था। इस नेटवर्क में मैनेजर देवेश बरैया, निशा राजे, आरती शर्मा, हर्षित यादव एवं मंजू यादव सक्रिय भूमिका निभा रहे थे, जो टी.व्ही. टावर एवं झांसी रोड तिराहे पर कॉल सेंटर संचालित कर रहे थे। पुलिस ने दोनों स्थानों से धोखाधड़ी में प्रयुक्त कंप्यूटर, मोबाइल फोन, रजिस्टर एवं अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज जप्त किए। प्रथम दृष्टया यह स्पष्ट पाया गया कि आरोपीगण फर्जी मैट्रीमोनियल कॉल सेंटर के माध्यम से ग्राहकों को गुमराह कर उनसे अवैध रूप से धनराशि ऐंठ रहे थे। मौके पर मिले आरोपी देवेश बरैया, मंजू यादव एवं हर्षित यादव को अभिरक्षा में लेकर पूछताछ की गई तथा बीएनएसएस की धारा 35(3) के तहत नोटिस तामील कर माननीय न्यायालय में उपस्थित होने हेतु पाबंद किया गया। प्रकरण में अपराध क्रमांक 13/26, धारा 318(4), 319(2) बीएनएस के अंतर्गत मामला दर्ज कर विवेचना प्रारंभ कर दी गई है। उक्त कार्रवाई में निरीक्षक नम्रता भदौरिया, उपनिरीक्षक नारायण सिंह, प्रधान आरक्षक अंकित सिंह, महिला प्रधान आरक्षक भानमती, आरक्षक हरिओम, नरेन्द्र राठौर, सागर भारद्वाज, देवेन्द्र, अरविन्द सिंह, सैनिक रिंकू बाथम एवं महिला आरक्षक रानी तोमर की सराहनीय भूमिका रही।

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