अवैध शराब की बिक्री और परिवहन रोकने प्रशासन सख्त, पांच प्रतिष्ठानों की जांच के बाद सतनवाड़ा में वाहनों की तलाशी
शिवपुरी। जिले में अवैध शराब के कारोबार पर लगाम कसने के लिए आबकारी विभाग ने अभियान तेज कर दिया है। मंगलवार रात विभाग की टीम ने होटलों और ढाबों पर सघन चेकिंग करने के साथ सतनवाड़ा क्षेत्र में सड़क पर वाहनों की जांच की। अचानक हुई इस कार्रवाई से ढाबा संचालकों और वाहन चालकों में हलचल रही। यह कार्रवाई कलेक्टर अर्पित वर्मा एवं आबकारी संभागीय उडऩदस्ता ग्वालियर के उपायुक्त संदीप शर्मा के निर्देशों पर की गई। जिला आबकारी अधिकारी शिवपुरी शुभम दांगोड़े के निर्देशन में टीम ने अभियान को अंजाम दिया।
जानकारी के अनुसार, जिले में मदिरा की अवैध बिक्री, भंडारण, परिवहन, चोरी और अवैध निर्माण पर रोक लगाने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में 3 नवंबर 2026 को आबकारी विभाग की टीम ने शिवपुरी वृत्त क्षेत्र के सुल्तान ढाबा, मुन्ना ढाबा, पंजाबी ढाबा, पाठक होटल और तोमर होटल की सघन जांच की। इसके बाद सतनवाड़ा में रात्रिकालीन वाहन चेकिंग अभियान चलाया गया। आबकारी विभाग ने स्पष्ट किया है कि अवैध शराब की बिक्री और परिवहन के विरुद्ध आगामी दिनों में भी लगातार जांच एवं कार्रवाई जारी रहेगी।
अवैध शराब के कारोबार पर शिकंजा कसने दो आबकारी उडऩदस्ते गठित
जिले में अवैध शराब के कारोबार पर लगाम कसने के लिए प्रशासन ने अब निगरानी और कार्रवाई का मोर्चा तेज कर दिया है। अवैध मदिरा निर्माण, भंडारण, खरीद-बिक्री और परिवहन पर प्रभावी रोक लगाने के लिए कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा ने दो विशेष आबकारी उडऩदस्ता दलों का गठन किया है। ये दल जिलेभर में लगातार जांच, छापेमारी और आकस्मिक कार्रवाई करेंगे। गठित दोनों दलों की कमान मंडल प्रभारी सहायक जिला आबकारी अधिकारी सत्येन्द्र पाराशर को सौंपी गई है। दल क्रमांक-1 में आबकारी उपनिरीक्षक विनीत कुमार शर्मा, तीर्थराज भारद्वाज और लोकेश बेवारिया को शामिल किया गया है, जबकि दल क्रमांक-2 में आबकारी उपनिरीक्षक राहुल गुप्ता और बृजराज शर्मा को जिम्मेदारी दी गई है। उडऩदस्ता दल मदिरा दुकान विहीन क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखेंगे। पैकारी, एजेंट, डायरी सहित अवैध बिक्री के विभिन्न तरीकों पर कार्रवाई की जाएगी। संवेदनशील मार्गों, जिला सीमाओं और ग्रामीण इलाकों में रात्रिकालीन गश्त के साथ वाहनों तथा ढाबों की जांच होगी। संदिग्ध या मिलावटी शराब मिलने पर नमूने लेकर परीक्षण कराया जाएगा। दोषियों के खिलाफ मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम 1915 के तहत वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।


