एसडीएम ने दो दिन में मांगा जवाब
शिवपुरी। शासकीय कामकाज में लापरवाही और बार-बार निर्देशों के बावजूद कार्यों में प्रगति नहीं लाने पर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। कलेक्टर अर्पित वर्मा के निर्देश पर एसडीएम कोलारस शिवदयाल धाकड़ ने पांच पटवारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर दो दिन के भीतर लिखित स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। इस कार्रवाई से राजस्व अमले में हलचल मच गई है।
स्वामित्व योजना के तहत स्वामित्व अधिकार अभिलेखों से संबंधित हस्तांतरण विलेखों के पंजीयन के लिए पटवारियों को निष्पादक घोषित किया गया है। इसके बावजूद संबंधित हल्कों में स्वामित्व रजिस्ट्री का आंकड़ा शून्य रहने पर पटवारी हल्का नंबर 164 सेसईखुर्द के अमित रघुवंशी और हल्का नंबर 167 किशनपुर के पार्थ किरार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। वहीं, तहसील रन्नौद क्षेत्र में सीएम हेल्पलाइन की शिकायतें लंबित रहने, राजस्व वसूली में रुचि नहीं लेने, निर्देशों के बावजूद प्रगति नहीं लाने तथा तहसील मुख्यालय अथवा अपने हल्के पर निवास नहीं करने के मामलों में तीन अन्य पटवारी कार्रवाई के दायरे में आए हैं। इनमें हल्का नंबर 120 रन्नौद के रवि भदौरिया, हल्का नंबर 103 ढकरौरा के मधुर मिलन पाठक तथा हल्का नंबर 102 सुनाज एवं 109 अकौदा के पदम शर्मा शामिल हैं। एसडीएम द्वारा जारी नोटिस में संबंधित पटवारियों के कृत्य को शासकीय दायित्वों के प्रति गंभीर लापरवाही, अनुशासनहीनता एवं स्वेच्छाचारिता बताते हुए मध्यप्रदेश सिविल सेवा आचरण नियम, 1965 के नियम 3 के उल्लंघन का उल्लेख किया गया है। सभी को दो दिवस के भीतर उपस्थित होकर लिखित जवाब देने के निर्देश दिए गए हैं। अब संबंधित पटवारियों के स्पष्टीकरण के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।
स्वामित्व योजना में लापरवाही पर गिरी गाज, दो पटवारियों की वेतनवृद्धि रोकी
शिवपुरी। स्वामित्व योजना के क्रियान्वयन में लापरवाही और पंजीयन की शून्य प्रगति पर प्रशासन ने दो पटवारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। कलेक्टर अर्पित वर्मा के निर्देश पर एसडीएम कोलारस शिवदयाल धाकड़ ने पटवारी मुकेश श्रीवास्तव (गोराटीला) और चन्द्रपाल यादव (लालपुर-बीजरी, तहसील रन्नौद) की दो-दो वार्षिक वेतनवृद्धियां असंचयी प्रभाव से रोकने के आदेश जारी किए हैं। मुकेश श्रीवास्तव का जवाब असंतोषजनक पाया गया, जबकि चन्द्रपाल यादव ने नोटिस का जवाब तक नहीं दिया। दोनों के क्षेत्रों में स्वामित्व अधिकार अभिलेखों के पंजीयन की प्रगति शून्य मिलने पर यह कार्रवाई की गई।


