शिवपुरी। महानगरों में सक्रिय रहने वाले हनी ट्रैप और साइबर ब्लैकमेल गिरोह अब छोटे शहरों तक भी पहुंचने लगे हैं। इसका ताजा उदाहरण शिवपुरी में सामने आया, जहां देहात थाना पुलिस ने सुनियोजित तरीके से काम कर रहे एक हनी ट्रैप गिरोह का पर्दाफाश कर युवती सहित पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 25,000 रुपए नकद बरामद किए गए हैं, जबकि अन्य संलिप्त लोगों की तलाश जारी है।
मामले की शुरुआत बदरवास निवासी आदित्य जैन उम्र 26 वर्ष की शिकायत से हुई, जिसने 1 फरवरी 2026 को थाना देहात शिवपुरी में रिपोर्ट दर्ज कराई। उसने बताया कि 26 जनवरी को उसके मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से कॉल आया। कॉल करने वाली युवती ने अपना नाम अंजली बताया और दोस्ती की बातचीत शुरू की। कुछ दिनों तक बातचीत का सिलसिला चलता रहा, जिसके बाद युवती ने मिलने का प्रस्ताव रखा। फरियादी जब तय स्थान पर पहुंचा तो वहां पहले से मौजूद युवकों ने उसे घेर लिया। आरोपियों ने उसके साथ मारपीट की और अश्लील वीडियो वायरल करने की धमकी देकर उससे 1,05,640 रुपए की मांग की। घबराए युवक ने बाद में हिम्मत जुटाकर पुलिस से शिकायत की। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक अमन सिंह राठौड़ के निर्देशन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संजीव मुले एवं एसडीओपी संजय चतुर्वेदी के मार्गदर्शन में विशेष टीम गठित की गई। जांच में साइबर सेल की महत्वपूर्ण भूमिका रही। तकनीकी साक्ष्यों, मोबाइल लोकेशन और कॉल डिटेल्स के विश्लेषण के आधार पर पुलिस ने आरोपियों को चिन्हित कर गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों में कल्पना रजक उर्फ अंजली उम्र 23 वर्ष, राजा ओझा उम्र 21 वर्ष, विकास रावत उम्र 19 वर्ष, चंद्रपाल धाकड़ उम्र 40 वर्ष एवं पवन रावत उम्र 25 वर्ष सभी निवासी शिवपुरी हैं। पुलिस के अनुसार, गिरोह की कार्यप्रणाली बेहद सुनियोजित थी। युवती पहले फोन पर संपर्क कर भरोसा जीतती थी। इसके बाद मुलाकात के बहाने युवक को सुनसान जगह बुलाया जाता, जहां गिरोह के अन्य सदस्य मौजूद रहते। वहां मारपीट कर वीडियो बनाया जाता और फिर ब्लैकमेलिंग का खेल शुरू होता। थाना प्रभारी देहात निरीक्षक जितेंद्र मावई के नेतृत्व में की गई इस कार्रवाई में एसआई योगेंद्र सेंगर साइबर सेल सहित पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका रही। आरोपियों से पूछताछ जारी है और उनके मोबाइल व डिजिटल डिवाइस खंगाले जा रहे हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि उन्होंने पहले कितने लोगों को शिकार बनाया। गौरतलब है कि देहात थाना पुलिस इससे पहले भी नशीले पदार्थों की बड़ी तस्करी पकड़ चुकी है। लगातार हो रही इन कार्रवाइयों से साफ है कि पुलिस अब साइबर अपराधों पर भी उतनी ही सख्ती से काम कर रही है जितना पारंपरिक अपराधों पर।


