एनडीपीएस केस में लापरवाही पर हाईकोर्ट सख्त, सैंपल बैग गायब होने पर तीन थाना प्रभारियों को लाइन अटैच

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शिवपुरी। एनडीपीएस एक्ट के एक पुराने मामले में विवेचना के दौरान गंभीर लापरवाही सामने आने पर उच्च न्यायालय खंडपीठ ग्वालियर ने कड़ा रुख अपनाया है। याचिका क्रमांक 10851/25 जगसीर बनाम मध्यप्रदेश शासन में पारित आदेश के बाद थाना कोलारस के अपराध क्रमांक 173/2023 (धारा 8/15 एनडीपीएस एक्ट) की जांच प्रक्रिया पर सवाल उठे हैं। न्यायालय ने अपने निर्णय में जब्त नमूनों के 12 बैग गायब होने का उल्लेख करते हुए तत्कालीन विवेचक और थाना प्रभारियों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

न्यायालय के निर्देशों के पालन में पुलिस अधीक्षक शिवपुरी कार्यालय ने संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की। विवेचना अवधि के दौरान पदस्थ रहे थाना प्रभारियों और विवेचकों की सूची मंगाई गई, जिसके आधार पर कार्रवाई की गई है। प्रारंभिक जांच में लापरवाही पाए जाने पर निरीक्षक जितेंद्र सिंह मावई (तत्कालीन थाना प्रभारी कोलारस, वर्तमान थाना प्रभारी देहात), उपनिरीक्षक राघवेंद्र सिंह यादव (तत्कालीन कोलारस, वर्तमान गोवर्धन थाना प्रभारी) और उपनिरीक्षक हरीशंकर शर्मा (तत्कालीन कोलारस, वर्तमान कोतवाली) को तत्काल प्रभाव से पुलिस लाइन शिवपुरी अटैच कर दिया गया है। मामले से जुड़े दो अन्य विवेचक उनि एस.एस. जादौन और उनि चंद्रभान सिंह भदौरिया सेवानिवृत्त हो चुके हैं, जबकि निरीक्षक मनीष शर्मा (वर्तमान राजगढ़) और उनि अंकित उपाध्याय (वर्तमान बालाघाट) के संबंध में संबंधित जिलों को पृथक सूचना भेजी गई है। पुलिस अधीक्षक अमन सिंह राठौड़ ने स्पष्ट किया है कि न्यायालय के आदेशों का अक्षरश: पालन किया जाएगा और जांच पूरी होने तक दोषी पाए गए अधिकारियों को थानों पर पदस्थ नहीं किया जाएगा। मामला विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया में है।

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