शिवपुरी। सायबर अपराधों के खिलाफ कड़ा प्रहार करते हुए शिवपुरी पुलिस ने एक संगठित ठग गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो महिलाओं के नाम से फर्जी व्हाट्सएप अकाउंट बनाकर अश्लील चैट व वीडियो रिकॉर्डिंग करता था और बाद में खुद को पुलिस अधिकारी बताकर डिजिटल गिरफ्तारी का डर दिखाते हुए लोगों से मोटी रकम वसूलता था। इस बड़ी कार्रवाई में पुलिस ने 4 अलग-अलग एफआईआर दर्ज कर कुल 32 आरोपियों को नामजद किया है, जिनमें से 20 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। कार्रवाई के दौरान लगभग 1 करोड़ 7 लाख रुपये मूल्य का माल-मशरूका भी जब्त किया गया।
यह कार्रवाई पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा एवं एडीजी सायबर ए साई मनोहर के निर्देशन में मध्य प्रदेश पुलिस द्वारा प्रदेशभर में चलाए जा रहे विशेष अभियान ऑपरेशन मेट्रिक्स के अंतर्गत की गई। इस अभियान का उद्देश्य सायबर सुरक्षा को मजबूत करना, सायबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण तथा म्यूल (फर्जी) बैंक खातों पर रोक लगाना है। ग्वालियर जोन के पुलिस महानिरीक्षक अरविंद कुमार सक्सेना एवं उप महानिरीक्षक अमित सांघी द्वारा जोन स्तर पर सतत मॉनिटरिंग करते हुए सायबर अपराधों में संलिप्त म्यूल खाताधारकों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए। इसी क्रम में शिवपुरी जिले में पुलिस अधीक्षक अमन सिंह राठौड़ के नेतृत्व में सायबर अपराधों पर त्वरित और प्रभावी नियंत्रण के लिए व्यापक रणनीति अपनाई गई। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एसडीओपी करैरा आयुष जाखड़ एवं एसडीओपी पिछोर प्रशांत शर्मा के नेतृत्व में 9 विशेष पुलिस टीमों का गठन किया गया। इन टीमों में करैरा, भौंती, अमोला, सुरवाया, हिम्मतपुर, सतनबड़ा, कोतवाली, पिछोर, कोलारस सहित अन्य थानों व चौकियों के अधिकारी-कर्मचारी शामिल रहे। टीमों ने महज एक सप्ताह के भीतर सघन दबिश, तकनीकी विश्लेषण और मुखबिर तंत्र के आधार पर बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया।
ठगी का पूरा तरीका
गिरोह के सदस्य HIIU, TOKKI, MIKA, ELOELO, GAGA, HANI, SUGO, COMMECTO, HITSU, HONEY और COMET जैसे ऐप्स के माध्यम से लोगों से संपर्क करते थे। वे महिलाओं के नाम से फर्जी प्रोफाइल बनाकर पीड़ितों से अश्लील चैट करते, उसकी रिकॉर्डिंग कर लेते और बाद में खुद को पुलिस अधिकारी बताकर बलात्कार या चाइल्ड पोर्नोग्राफी जैसे गंभीर अपराधों में फंसाने की धमकी देते थे। भयभीत पीड़ितों से केस सेटलमेंट के नाम पर बैंक खातों, एटीएम व ऑनलाइन ट्रांजैक्शन के जरिये रकम वसूली जाती थी।
चार बड़ी एफआईआर
20 फरवरी 2026 को थाना करैरा एवं थाना भौंती में मुखबिर सूचना पर दबिश देकर जबरन वसूली करते हुए 10-10 लोगों को राउंडअप किया गया, जबकि कुछ आरोपी फरार हो गए। इसके अतिरिक्त 19 फरवरी 2026 को थाना करैरा में क्रेडिट कार्ड से अवैध निकासी, फर्जी लोन और धोखाधड़ी के मामलों में दो अलग-अलग अपराध दर्ज किए गए। चारों मामलों में बीएनएस की गंभीर धाराओं के साथ आईटी एक्ट की धाराएं लगाई गईं।
गिरफ्तार आरोपी और जब्ती
गिरफ्तार आरोपियों में अंगद लोधी पुत्र पेजसिंह लोधी निवासी कुंडलपुर, विशाल पुत्र नारायण लोधी निवासी फिल्टर रोड करैरा, योगेन्द्र पुत्र अशोक लोधी निवासी छतिपुर दिनारा, प्रदीप पुत्र रामसिंह लोधी निवासी टोडा करैरा, धनाराम पुत्र रमेश लोधी निवासी छितिपुर दिनारा, सुरजीत पुत्र प्रकाश लोधी निवासी नंदपुर बालूशाह करैरा, रईश पाल पुत्र जगदीश पाल निवासी करालखेड़ा पिछोर, नरेश लोधी पुत्र विजयराम लोधी निवासी बगरा साजोर अमोला, गोलू विश्वकर्मा पुत्र देवसिंह निवासी टोड़ा पिछोर, कृष्णा लोधी पुत्र जगदीश लोधी निवासी गौचोनी पिछोर, पवन जाटव पुत्र गनपत निवासी बम्हारी करैरा, पूरन पुत्र रामप्रसाद निवासी बम्हारी करैरा, सुखदेव पुत्र नंदकिशोर लोधी उम्र 30 वर्ष निवासी ग्राम विंधारी थाना भौंती जिला शिवपुरी, अर्जुन पुत्र हजरत सिंह लोधी उम्र 30 वर्ष निवासी ग्राम कुंडलपुर थाना पिछोर, संदेश उर्फ दीपेश पुत्र विनोद परिहार उम्र 20 वर्ष निवासी ग्राम विंधारी थाना भौंती जिला शिवपुरी, करन पुत्र शिवचरण परिहार उम्र 20 वर्ष निवासी ग्राम विंधारी थाना भौंती शिवपुरी, राजीब पुत्र बृजेश कुमार लोधी, उम्र 20 वर्ष, निवासी आजाद मोहल्ला भौंती थाना भौंती जिला शिवपुरी, स्वाती पत्नी सुखदेव लोधी उम्र 28 वर्ष निवासी ग्राम तिधारी थाना भौंती जिला शिवपुरी, योगेन्द्र कुशवाह पुत्र बिहारी कुशवाह निवासी चीनोद करैरा एवं दीपक प्रजापति पुत्र सियाराम निवासी झांसी हैं । चारों एफआईआर में कुल 20 आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है। पुलिस ने 7 चार पहिया वाहन, 1 टीवीएस स्पोर्ट्स मोटरसाइकिल, 29 मोबाइल फोन, 1 मकान की रजिस्ट्री, ₹1.20 लाख नगद, 16 एटीएम कार्ड और 7 बैंक पासबुक जब्त की हैं। जब्त सामग्री का कुल अनुमानित मूल्य ₹1.07 करोड़ है। इस सफल अभियान में भौंती निरीक्षक घनश्याम भदौरिया, करैरा निरीक्षक विनोद सिंह छावई, उनि. चेतन शर्मा, उनि. धर्मेन्द्र गुर्जर, उनि. अंशुल गुप्ता, उनि. अरविंद छारी, उनि. अभिमन्यु राजावत, उनि. सुनील राजपूत, उनि. कुसुम गोयल, उनि. राजकिशोर जोशी, उनि. धर्मेन्द्र जाट, सउनि. चरनसिंह, सउनि. संजय कुमार भगत, प्र.आर. प्रहलाद यादव, प्र.आर. अभयराज सिंह, प्र.आर. मृत्युंजय सिंह, प्र.आर. प्रदीप गुर्जर सहित अनेक प्रधान आरक्षक, आरक्षक एवं सैनिकों की अहम भूमिका रही।


