शिवपुरी। करैरा में वकील संजय कुमार सक्सेना की निर्मम हत्या के मामले में थाना करैरा पुलिस ने 24 घंटे के भीतर सनसनीखेज खुलासा कर दिया। जमीन विवाद और पुरानी चुनावी रंजिश में 10 लाख रुपये की सुपारी देकर हत्या कराई गई थी। वीरान घाटी में घेराबंदी के दौरान पुलिस मुठभेड़ में मुख्य शूटर पपेन्द्र रावत के पैर में गोली लगी और उसे दबोच लिया गया। कुल 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस अधीक्षक अमन सिंह राठौड़ ने कंट्रोल रूम पर आयोजित पत्रकारवार्ता में बताया कि 14 फरवरी को फरियादी कुलदीप सक्सेना उम्र 39 वर्ष निवासी घरियाली मोहल्ला करैरा ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि उनके बड़े भाई एडवोकेट संजय कुमार सक्सेना मोटरसाइकिल से बांस पहाड़ी मार्ग से न्यायालय जा रहे थे। सुबह करीब 11:50 बजे वे रास्ते में गोली लगी अवस्था में मिले। सूचना पर पुलिस ने पहुंचकर शव को अस्पताल भिजवाया और अपराध क्रमांक 112/26 धारा 103(1), 3(5) बीएनएस में मामला दर्ज किया। पुलिस महानिरीक्षक अरविन्द कुमार सक्सैना, उप पुलिस महानिरीक्षक अमित सांघी के निर्देशन और पुलिस अधीक्षक अमन सिंह राठौड़ की मॉनिटरिंग में एएसपी संजीव मुले व एसडीओपी डॉ. आयुष जाखड़ के मार्गदर्शन में 6 टीमें गठित की गईं। नेतृत्व में थाना प्रभारी करैरा निरीक्षक विनोद छावई, थाना प्रभारी सुरवाया उनि अरविन्द्र छारी, थाना प्रभारी अमोला उनि अंशुल गुप्ता, चौकी प्रभारी सुनारी उपनिरीक्षक चेतन शर्मा, चौकी प्रभारी हिम्मतपुर उनि धर्मेन्द्र गुर्जर, चौकी प्रभारी थनरा उनि रामानंद पचौरी व साइबर सेल प्रभारी उनि धर्मेन्द्र जाट शामिल रहे। जांच में खुलासा हुआ कि सुनील शर्मा निवासी सिंगदौआ और कमलेश शर्मा ने पुरानी सरपंची व जमीन विवाद में सचिन रावत ग्राम टोरियाकला के माध्यम से 10 लाख की सुपारी दी। शूटर के रूप में पपेन्द्र रावत चांदपुर डबरा, राजकुमार उर्फ गोलू रावत घूघसी बड़ौनी और जहीर खान घूघसी बड़ौनी को लगाया गया। 15 फरवरी को चिरली तिराहे के पास गौशाला में घेराबंदी के दौरान पपेन्द्र ने पुलिस पर फायरिंग की। जवाबी कार्रवाई में वह घायल हुआ। पुलिस ने 315 बोर का देशी कट्टा, 2 जिंदा राउंड, एक खाली खोखा और बिना नंबर की काली पल्सर बाइक जब्त की। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार गिरफ्तार सभी आरोपियों पर पूर्व से मारपीट, बलवा, शासकीय कार्य में बाधा, एससी/एसटी एक्ट, आम्र्स एक्ट और एनडीपीएस एक्ट सहित विभिन्न गंभीर धाराओं में मामले दर्ज रहे हैं। उक्त कार्रवाई में करैरा टीआई विनोद छावई, सुरवाया थाना प्रभारी अरविन्द्र छारी, अमोला थाना प्रभारी अंशुल गुप्ता, सुनारी चौकी प्रभारी चेतन शर्मा, हिम्मतपुर चौकी प्रभारी धर्मेन्द्र गुर्जर, साइबर सेल प्रभारी धर्मेन्द्र जाट एवं थनरा चौकी प्रभारी रामानंद पचौरी की महत्वपूर्ण भूमिका रही। टीम में सउनि चरण सिंह, प्रआर डैनी कुमार, हर्ष झा, राजेन्द्र सिंह, दीपक उपाध्याय, विकास चौहान, आरक्षक हरेन्द्र सिंह, राधेश्याम जादौन, मत्स्येन्द्र गुर्जर, सुरेन्द्र रावत, जितेन्द्र कुमार, मोहित, देशराज राठौर, जलज रावत, भूपेन्द्र यादव, संतोष पाठक, दीपक, पवन राठौर, नीरज कुशवाह एवं संतोष कुशवाह शामिल रहे।
पुलिस अधीक्षक अमन सिंह राठौड़ ने कंट्रोल रूम पर आयोजित पत्रकारवार्ता में बताया कि 14 फरवरी को फरियादी कुलदीप सक्सेना उम्र 39 वर्ष निवासी घरियाली मोहल्ला करैरा ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि उनके बड़े भाई एडवोकेट संजय कुमार सक्सेना मोटरसाइकिल से बांस पहाड़ी मार्ग से न्यायालय जा रहे थे। सुबह करीब 11:50 बजे वे रास्ते में गोली लगी अवस्था में मिले। सूचना पर पुलिस ने पहुंचकर शव को अस्पताल भिजवाया और अपराध क्रमांक 112/26 धारा 103(1), 3(5) बीएनएस में मामला दर्ज किया। पुलिस महानिरीक्षक अरविन्द कुमार सक्सैना, उप पुलिस महानिरीक्षक अमित सांघी के निर्देशन और पुलिस अधीक्षक अमन सिंह राठौड़ की मॉनिटरिंग में एएसपी संजीव मुले व एसडीओपी डॉ. आयुष जाखड़ के मार्गदर्शन में 6 टीमें गठित की गईं। नेतृत्व में थाना प्रभारी करैरा निरीक्षक विनोद छावई, थाना प्रभारी सुरवाया उनि अरविन्द्र छारी, थाना प्रभारी अमोला उनि अंशुल गुप्ता, चौकी प्रभारी सुनारी उपनिरीक्षक चेतन शर्मा, चौकी प्रभारी हिम्मतपुर उनि धर्मेन्द्र गुर्जर, चौकी प्रभारी थनरा उनि रामानंद पचौरी व साइबर सेल प्रभारी उनि धर्मेन्द्र जाट शामिल रहे। जांच में खुलासा हुआ कि सुनील शर्मा निवासी सिंगदौआ और कमलेश शर्मा ने पुरानी सरपंची व जमीन विवाद में सचिन रावत ग्राम टोरियाकला के माध्यम से 10 लाख की सुपारी दी। शूटर के रूप में पपेन्द्र रावत चांदपुर डबरा, राजकुमार उर्फ गोलू रावत घूघसी बड़ौनी और जहीर खान घूघसी बड़ौनी को लगाया गया। 15 फरवरी को चिरली तिराहे के पास गौशाला में घेराबंदी के दौरान पपेन्द्र ने पुलिस पर फायरिंग की। जवाबी कार्रवाई में वह घायल हुआ। पुलिस ने 315 बोर का देशी कट्टा, 2 जिंदा राउंड, एक खाली खोखा और बिना नंबर की काली पल्सर बाइक जब्त की। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार गिरफ्तार सभी आरोपियों पर पूर्व से मारपीट, बलवा, शासकीय कार्य में बाधा, एससी/एसटी एक्ट, आम्र्स एक्ट और एनडीपीएस एक्ट सहित विभिन्न गंभीर धाराओं में मामले दर्ज रहे हैं। उक्त कार्रवाई में करैरा टीआई विनोद छावई, सुरवाया थाना प्रभारी अरविन्द्र छारी, अमोला थाना प्रभारी अंशुल गुप्ता, सुनारी चौकी प्रभारी चेतन शर्मा, हिम्मतपुर चौकी प्रभारी धर्मेन्द्र गुर्जर, साइबर सेल प्रभारी धर्मेन्द्र जाट एवं थनरा चौकी प्रभारी रामानंद पचौरी की महत्वपूर्ण भूमिका रही। टीम में सउनि चरण सिंह, प्रआर डैनी कुमार, हर्ष झा, राजेन्द्र सिंह, दीपक उपाध्याय, विकास चौहान, आरक्षक हरेन्द्र सिंह, राधेश्याम जादौन, मत्स्येन्द्र गुर्जर, सुरेन्द्र रावत, जितेन्द्र कुमार, मोहित, देशराज राठौर, जलज रावत, भूपेन्द्र यादव, संतोष पाठक, दीपक, पवन राठौर, नीरज कुशवाह एवं संतोष कुशवाह शामिल रहे।


