शिवपुरी। कलेक्टर अर्पित वर्मा शनिवार को पिछोर क्षेत्र के दौरे पर एक्शन मोड में नजर आए। उन्होंने निर्माणाधीन सनघटा डैम, पंप स्टेशन और ग्रामीण क्षेत्रों में चल रहे विकास कार्यों का औचक निरीक्षण कर अधिकारियों की कार्यप्रणाली को परखा। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि विकास कार्यों में लापरवाही और गुणवत्ता से समझौता किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
सनघटा डैम पहुंचकर कलेक्टर ने निर्माण सामग्री की गुणवत्ता खुद जांची। निरीक्षण में अनुपयोगी और घटिया गिट्टी पाए जाने पर उन्होंने मौके पर ही नाराजगी जताई और स्पष्ट निर्देश दिए कि खराब सामग्री का उपयोग बिल्कुल न किया जाए। साथ ही माइनिंग विभाग को बालाजी क्रेशर हटाने के सख्त निर्देश भी दिए। कलेक्टर ने परियोजना एसडीओ को लगातार मॉनिटरिंग करने तथा इंजीनियरों को ढलाई और निर्माण कार्य का विस्तृत सर्वे करने की जिम्मेदारी सौंपी। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर अर्पित वर्मा ने निर्माणाधीन पंप स्टेशन का भी बारीकी से जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्माण कार्य की गति तेज करने और तकनीकी मापदंडों का पूरी गंभीरता से पालन करने के निर्देश दिए। डिस्ट्रीब्यूशन लाइन बिछाने के लिए खोदी जा रही ग्रामीण सड़कों को लेकर भी कलेक्टर ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि पाइपलाइन डालने के बाद सड़कों को तुरंत दुरुस्त किया जाए ताकि ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी न हो। दौरे के दौरान कलेक्टर गांव-गांव पहुंचे और ग्रामीणों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं। सनघटा डैम के डूब क्षेत्र में आने वाले किसानों और ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि उनकी जमीनों का पारदर्शी और उचित मुआवजा जल्द दिलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह परियोजना क्षेत्र की पेयजल और सिंचाई समस्या का स्थायी समाधान साबित होगी, जिससे किसानों को बड़ा लाभ मिलेगा। इसके बाद कलेक्टर ग्राम पड़ोरा की आदिवासी बस्ती भी पहुंचे। यहां बिना किसी औपचारिकता के ग्रामीणों के बीच बैठकर उन्होंने उनकी समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को तय समय सीमा में निराकरण के निर्देश दिए। कलेक्टर का यह संवेदनशील और सख्त प्रशासनिक अंदाज पूरे दौरे में देखने को मिला। पिछोर क्षेत्र में कलेक्टर अर्पित वर्मा के इस औचक निरीक्षण से निर्माण एजेंसियों और अधिकारियों में हड़कंप की स्थिति बनी रही।


