शिवपुरी। शनिवार दोपहर अचानक आए तेज आंधी-तूफान ने शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक तबाही मचा दी। चंद मिनटों की तेज हवाओं ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया। शहर के प्रमुख इलाकों माधव चौक, नवग्रह मंदिर, मस्जिद क्षेत्र, महल कॉलोनी, बाबूक्वार्टर, कमलागंज रोड और लक्ष्मी निवास में कई बड़े और हरे-भरे पेड़ जड़ समेत उखड़कर सड़कों पर गिर पड़े, जिससे यातायात पूरी तरह बाधित हो गया।
माधव चौक चौराहे के पास मस्जिद के बाहर खड़ा वर्षों पुराना नीम का पेड़ भरभराकर सड़क पर गिर गया, जिससे एक ओर का रास्ता बंद हो गया। इसी दौरान बाबूक्वार्टर में पीपल, जबकि लक्ष्मी निवास क्षेत्र में नीम और खजूर के पेड़ भी धराशायी हो गए। इन घटनाओं में कई वाहन पेड़ों के नीचे दब गए। मस्जिद क्षेत्र में दो मोटरसाइकिल और एक एक्टिवा क्षतिग्रस्त हुईं, जबकि अन्य स्थानों पर भी गाड़ियों को भारी नुकसान पहुंचा। एक व्यक्ति को हल्की चोट आई, लेकिन राहत की बात यह रही कि कहीं से भी किसी जनहानि की सूचना नहीं है। तेज आंधी का असर पिपरसमा मंडी में भी देखने को मिला, जहां तेज हवाओं ने टीनशेड को उखाड़कर दूर फेंक दिया। अचानक हुए इस घटनाक्रम से मंडी में अफरा-तफरी मच गई और व्यापारिक गतिविधियां पूरी तरह ठप हो गईं। किसानों का रखा सामान बिखर गया, जिससे आर्थिक नुकसान बढ़ गया। सबसे गंभीर घटना पोलो ग्राउंड क्षेत्र में सामने आई, जहां आंधी के चलते दीवार गिरने से कई लोग घायल हो गए। घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद कुछ को मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। एक घायल भर्ती है, जबकि अन्य निजी अस्पताल में उपचार ले रहे हैं। शहरभर में दर्जनभर से अधिक स्थानों पर पेड़ गिरने, दीवार ढहने और संरचनाओं के क्षतिग्रस्त होने से लोगों में दहशत का माहौल बन गया। कई जगह घंटों तक रास्ते बंद रहे, जिससे आमजन को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। ग्रामीण क्षेत्रों में भी तेज हवाओं के चलते आग लगने और नुकसान की घटनाएं सामने आईं, जिससे हालात और गंभीर हो गए। हालांकि इस भीषण आंधी-तूफान के बीच सबसे बड़ी राहत यही रही कि कोई जनहानि नहीं हुई। लेकिन संपत्ति और वाहनों को हुए नुकसान ने लोगों को आर्थिक रूप से झटका दिया है। अचानक आए इस प्राकृतिक कहर ने यह साफ कर दिया कि तेज हवाओं के आगे शहर की व्यवस्थाएं कितनी कमजोर साबित हो सकती हैं।
प्रशासन अलर्ट मोड पर: त्वरित रेस्क्यू, घायलों का इलाज, रास्ते बहाल
आंधी-तूफान के बाद प्रशासन तुरंत सक्रिय हुआ। कलेक्टर अर्पित वर्मा के निर्देश पर एडीएम दिनेश शुक्ला, सीईओ जिला पंचायत विजय राज और एसडीएम आनंद राजावत सहित प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचा। पुलिस बल और नगर पालिका की टीम ने जेसीबी के जरिए गिरे पेड़ों को हटाकर मार्ग बहाल किए। पोलो ग्राउंड हादसे के घायलों को तत्काल जिला चिकित्सालय पहुंचाया गया, जहां से उन्हें मेडिकल कॉलेज व निजी अस्पताल रेफर किया गया। अधिकारियों ने स्वयं अस्पताल पहुंचकर उपचार की निगरानी की और बेहतर इलाज के निर्देश दिए। प्रशासन की त्वरित कार्रवाई से स्थिति तेजी से सामान्य होने लगी।
इमलिया–सिमरिया में भड़की भीषण आग
तेज आंधी-तूफान ने ग्रामीण क्षेत्रों में भी कहर बरपाया। तेज हवाओं के चलते इमलिया और सिमरिया गांव में अचानक भीषण आग भड़क उठी, जिसने देखते ही देखते बड़े इलाके को चपेट में ले लिया। हवा की रफ्तार इतनी तेज थी कि आग तेजी से फैलती चली गई, जिससे खेत, झोपड़ियां और ग्रामीणों का सामान जलकर राख हो गया। घटना से गांवों में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही दमकल और प्रशासनिक टीमें मौके पर पहुंचीं और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। प्रारंभिक तौर पर बड़ा आर्थिक नुकसान सामने आया है, हालांकि जनहानि की खबर नहीं है।
दोपहर से रात तक ब्लैकआउट, आंधी ने थामी शहर की रफ्तार
तेज आंधी-तूफान का असर बिजली व्यवस्था पर भी भारी पड़ा। दोपहर में चली तेज हवाओं और पेड़-पोल गिरने से शहर के अधिकांश हिस्सों में बिजली सप्लाई पूरी तरह ठप हो गई। हालात ऐसे रहे कि दोपहर से लेकर रात तक लोग अंधेरे में रहने को मजबूर रहे। बिजली गुल होने से घरों के साथ बाजार और जरूरी सेवाएं भी प्रभावित हुईं। गर्मी के बीच बिजली कटौती ने लोगों की परेशानी और बढ़ा दी। विद्युत विभाग की टीमें फॉल्ट सुधार में जुटी रहीं, लेकिन व्यापक नुकसान के चलते सप्लाई बहाल करने में लंबा समय लग गया।



