-बिना पंजीयन चल रहे थे स्वास्थ्य संस्थान, मरीजों के इलाज और भर्ती की मिली व्यवस्था
-कलेक्टर के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग की ताबड़तोड़ कार्रवाई
शिवपुरी। जिले में अवैध रूप से संचालित स्वास्थ्य संस्थानों के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग ने शुक्रवार को बड़ी कार्रवाई की। कलेक्टर अर्पित वर्मा के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने कोलारस में छापामार कार्रवाई करते हुए दो मेडिकल स्टोर और दो अस्पतालों को सील कर दिया। कार्रवाई के दौरान बिना वैध पंजीयन स्वास्थ्य सेवाएं संचालित किए जाने तथा मरीजों के उपचार एवं भर्ती की व्यवस्था मिलने पर विभाग ने सख्त कदम उठाया।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजय ऋषीश्वर ने बताया कि जिले में अवैध स्वास्थ्य संस्थानों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. रोहित भदकारिया के नेतृत्व में खंड चिकित्सा अधिकारी कोलारस डॉ. संजय राठौड़ और फार्मासिस्ट बालेंदु रघुवंशी की टीम ने कोलारस में छापामार कार्रवाई की।
धाकड़ मेडिकल और एएस अस्पताल पर कार्रवाई
फूल राज होटल के सामने संचालित धाकड़ मेडिकल स्टोर के संबंध में टीम को वैध पंजीयन दस्तावेज नहीं मिले। मेडिकल स्टोर के पास ही एएस अस्पताल संचालित पाया गया। अस्पताल डॉ. पुष्पेंद्र सिंह के नाम पर संचालित होना बताया गया, जबकि मौके पर मरीजों का उपचार करते हुए एक अपात्र व्यक्ति मिला। अस्पताल में मरीजों को भर्ती करने के लिए 10 पलंगों की व्यवस्था भी पाई गई। टीम ने अस्पताल और मेडिकल स्टोर के पंजीयन संबंधी दस्तावेज मांगे, लेकिन मौके पर दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जा सके। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने एएस अस्पताल और धाकड़ मेडिकल स्टोर को सील कर दिया।
मेडिकल स्टोर की आड़ में चल रहा था अस्पताल
इसी तरह कटरा मोहल्ले में संचालित गोपाल मेडिकल स्टोर की जांच के दौरान मेडिकल स्टोर के समीप कमरों में अस्पताल जैसी व्यवस्था मिली। यहां मरीजों को भर्ती करने के लिए पलंग और बोतल चढ़ाने की सुविधा उपलब्ध थी। संचालक रंजन अधिकारी से अस्पताल के पंजीयन संबंधी दस्तावेज मांगे गए, लेकिन वे भी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके। जांच में मेडिकल स्टोर की आड़ में अस्पताल संचालित होना पाए जाने पर विभागीय टीम ने गोपाल मेडिकल स्टोर एवं उससे संचालित अवैध अस्पताल को सील कर दिया। स्वास्थ्य विभाग की इस कार्रवाई से कोलारस में बिना पंजीयन स्वास्थ्य सेवाएं संचालित करने वालों में हड़कंप मच गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध रूप से संचालित स्वास्थ्य संस्थानों के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।


