शिवपुरी। तीन दिवसीय 31वां ओशो ध्यान साधना शिविर मंगलवार को संन्यास दीक्षा महोत्सव के साथ आध्यात्मिक उत्साह और परमानंद के माहौल में संपन्न हुआ। समापन अवसर पर 10 ओशो प्रेमियों ने संन्यास दीक्षा ली, जबकि 4 साधकों ने माला धारण कर ओशो मार्ग पर आगे बढऩे का संकल्प लिया।
रातौर रोड स्थित शिव रिसोर्ट में 28 मार्च से प्रारंभ हुए इस शिविर का संचालन मधुवन ओशो आश्रम चांपा (छत्तीसगढ़) के विश्व विख्यात स्वामी आनंद एकांत ने किया। शिविर में शिवपुरी सहित देशभर से आए 226 ओशो प्रेमियों ने सक्रिय ध्यान, नृत्य ध्यान, साधना और ओशो देशना में भाग लेकर आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव किया। 29 और 30 मार्च को प्रात: 6 बजे से रात्रि 10:30 बजे तक ध्या न सत्रों के साथ जोरबा द बुद्धा शैली की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में गीत, संगीत, काव्य और हास्य की रंगीन झलक देखने को मिली। पूल पार्टी में भी साधकों ने नृत्य ध्यान के माध्यम से अनूठा अनुभव प्राप्त किया। समापन दिवस 31 मार्च को सुबह सक्रिय ध्यान के बाद दोपहर 1:30 बजे संन्यास दीक्षा महोत्सव आयोजित हुआ। इस दौरान साधक ओशो की देशना, फूलों की होली और ऊर्जा से भरपूर नृत्य ध्यान में पूरी तरह लीन नजर आए। ओशो परिवार के स्वामी निखिल आनंद गोपाल जी स्वयं संगम ने संचालक स्वामी आनंद एकांत, प्रमुख सहयोगी स्वामी देशबंधु राजकुमार विंदल और शिव रिसोर्ट के संचालक मोनू भगवती का पुष्पहार से सम्मान किया। अंत में स्वामी कृष्ण आनंद डॉ. भूपेंद्र विकल ने सभी 226 प्रतिभागियों, ओशो प्रेमियों, पत्रकारों व सहयोगियों का आभार व्यक्त किया।


