जेल की चार दीवारी से गांव में घूंघट तक, असाक्षरता का अंधकार मिटाने थामी कलम, दी परीक्षा

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उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत 2 हजार केन्द्रों पर 60 हजार 195 असाक्षर शिक्षार्थियों ने हल किया प्रश्नपत्र, अधिकारियों ने लिया जायजा

शिवपुरी। असाक्षरता का दंश जड़ से खत्म करने के लिए उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम चलाया जा रहा है। हर 6 माह में असाक्षर शिक्षार्थियों की परीक्षा आयोजित कर यह परखा जाता है कि उन्होंने मेंटर्स की मदद से कक्षाओं में अध्यापन कर साक्षरता की ओर कितने कदम बढ़ाए। इसी क्रम में शनिवार को सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक जिलेभर में बनाए गए 2 हजार से अधिक परीक्षा केन्द्रों पर असाक्षर परीक्षार्थियों ने कलम थामकर असाक्षरता का अंधकार मिटाया और उत्तर पुस्तिका पर साक्षरता उकेरी। इस परीक्षा में जिलेभर में 63 हजार 750 असाक्षर नामांकित थे। उत्साह का आलम ये रहा कि परीक्षा में इनमें से 60 हजार 195 शिक्षार्थी परीक्षा में शामिल हुए। असाक्षर शिक्षार्थियों के उत्साह का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जेल की चार दीवारी से लेकर गांव की गलियों तक असाक्षर शिक्षार्थियों ने निर्धारित केन्द्रों पर पहुंच कर परीक्षा दी। साक्षरता हासिल करने का उत्साह घूंघट की ओट से भी नजर आया और ग्रामीण क्षेत्रों में कई महिलाओं ने केन्द्रों पर पहुंचकर प्रश्रपत्र हल किया। प्रत्येक केन्द्र पर पर्यवेक्षक भी तैनात किए गए थे और विकासखण्ड से लेकर जिला स्तर तक जिला प्रौढ़ शिक्षा अधिकारी दफेदार सिंह सिकरवार के निर्देशन में अधिकारियों ने इस परीक्षा का जायजा लिया। 

सर्किल जेल में 28 असाक्षर बंदियों ने हल किया प्रश्नपत्र 

इधर शिवपुरी की सर्किल जेल में मौजूद बंदियों में भी परीक्षा को लेकर उत्साह नजर आया। यहां जेल प्रबंधन द्वारा नियुक्त शिक्षक एवं मेंटर रामगोपाल रैकवार असाक्षर कैदियों को नियमित कक्षाओं के माध्यम से अध्यापन कराते हैं और जेल अधीक्षक रामशिरोमणि पांडे के दिशा निर्देश में कक्षाओं का नियमित संचालन किया जाता है।आज जेल अधीक्षक पांडे के मार्गदर्शन में आयोजित परीक्षा में ऐसे 28 असाक्षर शिक्षार्थियों ने निर्धारित प्रश्रपत्र हल किया। इस दौरान नोडल अधिकारी एवं एपीसी हरीश शर्मा, एपीसी उमेश करारे व साक्षरता कार्यक्रम के विकासखण्ड समन्वयक अनुज गुप्ता ने सर्किल जेल पहुंचकर परीक्षा का जायजा लिया। इस परीक्षा में पढऩा, लिखना व गणित सहित तीन खण्ड प्रश्रपत्र में पूछे गए थे और शिक्षार्थियों को उसी प्रश्रपत्र में उत्तर अंकित करने थे। 150 अंकों के प्रश्रपत्र में पढऩा, लिखना व गणित विषय के लिए 50-50 अंक निर्धारित हैं। उत्तीर्ण होने के लिए कम से कम 33 प्रतिशत अंक हासिल करना अनिवार्य होगा। 

इनका कहना है

जिलेभर में आज उत्साह के साथ असाक्षर 60 हजार 195 शिक्षार्थी परीक्षा में शामिल हुए। सर्किल जेल में भी 28 असाक्षरों ने परीक्षा दी। मूल्यांकन के बाद ग्रेडवार परिणाम ऑनलाईन किया जाएगा।

दफेदार सिंह सिकरवार, जिला प्रौढ शिक्षा अधिकारी एवं डीपीसी शिवपुरी

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