सरकार से सर्वोच्च न्यायालय में पुनर्विचार याचिका दायर करने की अपील
शिवपुरी। शिक्षक पात्रता परीक्षा को अनिवार्य किए जाने के आदेश के विरोध में जिले के शिक्षकों में आक्रोश दिखाई दे रहा है। इसी क्रम में शुक्रवार को संयुक्त मोर्चा शिक्षक संघ के बैनर तले बड़ी संख्या में शिक्षक एकत्रित होकर कलेक्ट्रेट पहुंचे और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपते हुए सरकार से सर्वोच्च न्यायालय में पुनर्विचार याचिका दायर करने की मांग की।
शिक्षकों का कहना है कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 लागू होने से पहले नियुक्त शिक्षकों की नियुक्ति मध्यप्रदेश शासन द्वारा जारी राजपत्र तथा उस समय प्रभावी नियमों के आधार पर विधिवत की गई थी। ऐसे में वर्षों से सेवा दे रहे शिक्षकों के लिए बाद में शिक्षक पात्रता परीक्षा अनिवार्य करना तथा दो वर्ष के भीतर परीक्षा उत्तीर्ण न करने की स्थिति में सेवा समाप्ति जैसा कठोर प्रावधान लागू करना न्यायसंगत नहीं है। प्रदेश स्तर पर शासकीय शिक्षक संघ के प्रदेशाध्यक्ष राकेश दुबे, प्रांतीय शिक्षक संघ के प्रांताध्यक्ष मनोहर प्रसाद दुबे और राज्य शिक्षक कांग्रेस के प्रांताध्यक्ष राकेश नायक के संयुक्त आह्वान पर शिवपुरी जिले के शिक्षक अमर शहीद तात्या टोपे स्मारक पार्क में एकत्रित हुए। यहां से सभी शिक्षक रैली के रूप में कलेक्ट्रेट पहुंचे। संयुक्त मोर्चा में शामिल जिलाध्यक्ष पवन अवस्थी, राजेन्द्र पिपलौदा, कौशल गौतम, राजकुमार सरैया, स्नेह रघुवंशी, सुनील वर्मा, अमरदीप श्रीवास्तव, अवधेश श्रीवास्तव तथा जिला संयोजक विपिन पचौरी और अरविंद सरैया के नेतृत्व में यह ज्ञापन कलेक्टर की ओर से डिप्टी कलेक्टर मोतीलाल अहिरवार को सौंपा गया। ज्ञापन में कहा गया कि अन्य राज्यों की सरकारों ने भी शिक्षकों के हित में सर्वोच्च न्यायालय में पुनर्विचार याचिका दायर कर उनका पक्ष रखा है। इसलिए मध्यप्रदेश सरकार को भी शीघ्र पहल कर शिक्षकों के हितों की रक्षा करनी चाहिए।


