आधी रात आदिवासी गांव पहुंचे कलेक्टर अर्पित वर्मा, चौपाल में सुनी फरियादें

MP DARPAN
0

मौके पर बांटे पट्टे, प्रमाण पत्र और 2 लाख की सहायता

शिवपुरी। प्रशासन जब गांव की चौखट पर पहुंचे तो भरोसा भी लौटता है। कुछ ऐसा ही नजारा गुरुवार रात जनजाति बाहुल्य ग्राम अहेरा और मुडख़ेड़ा में देखने को मिला, जहां कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा अधिकारियों के पूरे दल के साथ ग्रामीणों के बीच पहुंचे। रात में चौपाल सजी, फरियादें सुनी गईं, मौके पर समाधान हुआ और कई ग्रामीणों को तत्काल सरकारी योजनाओं का लाभ भी मिला। कलेक्टर के गांव पहुंचते ही ग्रामीणों का हुजूम उमड़ पड़ा। महिलाओं, बुजुर्गों और युवाओं ने खुलकर पानी, सड़क, राशन, बिजली, आवास और आधार अपडेट जैसी समस्याएं रखीं। जनसमस्या निवारण शिविर में कुल 52 आवेदन पहुंचे, जिनमें से 40 का निराकरण मौके पर ही कर दिया गया।

कलेक्टर अर्पित वर्मा ने जल जीवन मिशन के अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि 20 मई तक एसवाया पंचायत के हर मजरे-टोले तक नल से पानी पहुंचना चाहिए। आधार अपडेट और बच्चों के जाति प्रमाण पत्र के लिए विशेष शिविर लगाने के निर्देश भी दिए गए। शिविर में बालकिशन, ममता और गजब सिंह आदिवासी को नामांतरण प्रमाण पत्र, ठाकुरलाल, सुमरन और कल्लू आदिवासी को जाति प्रमाण पत्र तथा सामलिया पुत्र अमरलाल को वन अधिकार पट्टे से जुड़ा दस्तावेज सौंपा गया। वहीं संबल योजना के तहत कमलफूल आदिवासी को 2 लाख रुपए की अनुग्रह सहायता राशि का स्वीकृति पत्र दिया गया। सहायता पत्र हाथ में आते ही कमलफूल की आंखें भर आईं और उन्होंने कलेक्टर को धन्यवाद दिया। रात्रि चौपाल के दौरान एक ग्रामीण ने गांव में खरंजा और सड़क नहीं होने की शिकायत की। इस पर कलेक्टर ने रात में ही मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया और अधिकारियों को तत्काल निर्माण कार्य शुरू कराने के निर्देश दिए। मुडख़ेड़ा आंगनवाड़ी में भोजन वितरण में गड़बड़ी की शिकायत भी सामने आई। ग्रामीणों ने बताया कि समूह समय पर भोजन नहीं बांटता। शिकायत सुनते ही कलेक्टर ने संबंधित समूह को तत्काल हटाने के आदेश दे दिए। स्वास्थ्य विभाग ने शिविर में 41 मरीजों की जांच, 15 परीक्षण और 26 एक्सरे किए, जबकि पशुपालन विभाग ने सात भैंसों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। आधार शिविर में 14 आधार कार्ड अपडेट और चार नए आधार कार्ड बनाए गए। सबसे खास बात यह रही कि कलेक्टर अर्पित वर्मा ने चौपाल के बाद गांव छोडऩे के बजाय ग्रामीणों के बीच बैठकर भोजन किया और आंगनवाड़ी भवन में ही रात्रि विश्राम किया। उनके साथ जिला पंचायत सीईओ विजय राज और एसडीएम अनुपम शर्मा सहित अन्य अधिकारी भी गांव में रुके। गांव वालों ने कहा कि पहली बार लगा कि सरकार सच में हमारे बीच आई है।

चौपाल में तुरंत हुए फैसले

-20 मई तक हर मजरे-टोले में नल से पानी पहुंचाने के निर्देश

-आधार अपडेशन और जाति प्रमाण पत्र के विशेष शिविर लगाने के आदेश

-मुडख़ेड़ा आंगनवाड़ी के भोजन वितरण समूह को हटाया

-रात में ही सड़क और खरंजा स्थल का निरीक्षण

शिविर में मिला योजनाओं का लाभ

-52 आवेदन प्राप्त, 40 का मौके पर निराकरण

-41 मरीजों की स्वास्थ्य जांच, 26 एक्सरे

-नामांतरण और जाति प्रमाण पत्र वितरित

-कमलफूल आदिवासी को 2 लाख की सहायता राशि

-14 आधार कार्ड अपडेट, 4 नए आधार कार्ड बने

गांव में रुके कलेक्टर, बढ़ा ग्रामीणों का भरोसा

कलेक्टर अर्पित वर्मा, जिला पंचायत सीईओ विजय राज और एसडीएम अनुपम शर्मा ने मुडख़ेड़ा के आंगनवाड़ी भवन में रात्रि विश्राम किया। ग्रामीणों के साथ भोजन कर अधिकारियों ने यह संदेश दिया कि प्रशासन अब गांवों तक पहुंचकर समस्याओं का समाधान करेगा।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें (0)
To Top