डिजिटल अरेस्ट के झांसे में न आएं, तुरंत पुलिस को सूचना दें : टीआई रजनी सिंह चौहान
सतर्कता ही साइबर फ्रॉड से बचाव का सबसे बड़ा हथियार : साइबर सेल प्रभारी धर्मेंद्र सिंह जाट
शिवपुरी। मध्य प्रदेश पुलिस के सेफ क्लिक 2.0 अभियान के तहत जिला पुलिस बल ने शिवपुरी स्थित दून पब्लिक स्कूल में डिजिटल सुरक्षा एवं साइबर सतर्कता विषय पर जागरूकता सेमिनार आयोजित किया। कार्यक्रम में पुलिस अधिकारियों ने छात्रों को साइबर अपराध, डिजिटल अरेस्ट, ऑनलाइन ठगी और सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
निरीक्षक रजनी सिंह चौहान ने कहा कि सोशल मीडिया पर अनजान लोगों से दोस्ती करने, संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने और निजी जानकारी साझा करने से बचना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस कभी भी वीडियो कॉल या फोन पर किसी को गिरफ्तार नहीं करती। यदि कोई व्यक्ति खुद को पुलिस अधिकारी बताकर डिजिटल अरेस्ट या कार्रवाई की धमकी देता है तो तुरंत नजदीकी थाने या साइबर हेल्पलाइन पर सूचना दें। साइबर सेल प्रभारी उपनिरीक्षक धर्मेंद्र सिंह जाट ने पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से विद्यार्थियों को साइबर सुरक्षा के व्यावहारिक उपाय बताए। उन्होंने कहा कि आवश्यकता होने पर ही सोशल मीडिया अकाउंट बनाएं, मजबूत पासवर्ड रखें और समय-समय पर उसे बदलते रहें। ऑनलाइन गेमिंग, अज्ञात नंबरों से आए संदेशों और संदिग्ध लिंक से दूरी बनाए रखना ही साइबर ठगी से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है। साइबर सेल के आरक्षक जलज रावत ने बताया कि साइबर अपराध की शिकायत के लिए राष्ट्रीय हेल्पलाइन 1930 पर तुरंत कॉल किया जा सकता है। इसके अलावा शिवपुरी साइबर सेल के मोबाइल नंबर 70491 23288 पर भी सूचना देकर सहायता प्राप्त की जा सकती है। कार्यक्रम में देहात थाना के सहायक उपनिरीक्षक सुमित सिंह सेंगर, आरक्षक मिथुन कुशवाहा, लखन बघेल तथा महिला आरक्षक अंजली शर्मा ने भी छात्र-छात्राओं को साइबर अपराधों से बचाव के प्रति जागरूक किया। अंत में स्कूल प्रबंधन की ओर से अखलाक खान एवं प्राचार्य अभिजीत घोषाल ने पुलिस अधिकारियों का स्मृति चिन्ह भेंटकर सम्मान किया। कार्यक्रम का आभार दून पब्लिक स्कूल की डायरेक्टर डॉ. खुशी खान एवं शाहिद खान ने व्यक्त किया।


