कलेक्टर की संवेदनशील तत्परता से आदिवासी प्रसूता और जुड़वा बच्चों की बची जान

MP DARPAN
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घर पर एक बच्चे का जन्म, दूसरा गर्भ में फंसा, सूचना मिलते ही स्वास्थ्य अमला सक्रिय

जिला अस्पताल में सफल ऑपरेशन से जच्चा-बच्चा सुरक्षित 

शिवपुरी। स्वतंत्रता दिवस के उल्लास के बीच पोहरी विकासखंड के ग्राम देवपुरा में एक आदिवासी प्रसूता की जिंदगी उस समय संकट में आ गई, जब प्रसव पीड़ा के दौरान एक जुड़वा बच्चे का जन्म घर पर हो गया, जबकि दूसरा बच्चा गर्भ में आड़ा होने के कारण फंस गया। समय रहते मिली सूचना और कलेक्टर अर्पित वर्मा की संवेदनशील तत्परता से प्रसूता और उसके दूसरे नवजात की जान बच गई। वर्तमान में मां और दोनों बच्चे पूरी तरह सुरक्षित हैं।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजय ऋषीश्वर के अनुसार 15 अगस्त को 20 वर्षीय रामसुरक्षा पत्नी दीपक आदिवासी को अचानक प्रसव पीड़ा हुई। घर पर एक बच्चे के जन्म के बाद दूसरे बच्चे के फंसने से स्थिति गंभीर हो गई। ग्रामीणों ने इसकी सूचना कलेक्टर अर्पित वर्मा को दी, जिस पर उन्होंने स्वास्थ्य अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। निर्देश मिलते ही सीएचओ एवं आशा कार्यकर्ता प्रसूता के घर पहुंचे और स्थिति का जायजा लेकर उसे एम्बुलेंस से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बैराड़ पहुंचाया। गंभीर हालत को देखते हुए तत्काल जिला अस्पताल शिवपुरी रेफर किया गया। खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. दिवाकर वर्मा ने जिला अस्पताल के अधिकारियों एवं प्रसूति वार्ड के चिकित्सकों को पहले ही सूचना दे दी। जिला अस्पताल पहुंचते ही चिकित्सकों ने बिना समय गंवाए ऑपरेशन किया। ऑपरेशन के दौरान आवश्यकता पड़ने पर रक्त की भी व्यवस्था की गई और दूसरे नवजात का सुरक्षित जन्म कराया गया। जच्चा-बच्चा सुरक्षित होने पर परिवार ने कलेक्टर अर्पित वर्मा, सीएमएचओ डॉ. संजय ऋषीश्वर, डॉ. दिवाकर वर्मा, जिला अस्पताल के चिकित्सकों तथा पोहरी स्वास्थ्य अमले के प्रति भावुक होकर आभार जताया।

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