फर्जी एनजीओ प्रमाणपत्र से सरकारी जमीन हड़पने और बेचने का आरोप
शिवपुरी। शासकीय भूमि से जुड़े धोखाधड़ी के मामले में लंबे समय से फरार चल रहे 3000 रुपए के इनामी आरोपी सीताराम गौड़ को कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने पूछताछ के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया, जहां से जेल वारंट बनने पर उसे जिला जेल शिवपुरी भेज दिया गया।
कोतवाली टीआई रोहित दुबे के अनुसार, 21 मार्च 2025 को पटवारी आनंद यादव पुत्र वीरेंद्र यादव निवासी पटवारी हल्का झींगूरा ने कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। आरोप था कि सीताराम गौड़, विजय गौड़, कन्हैया गौड़, रवि गौड़, आनंदी गौड़, श्रीमती धन्नो गौड़, श्रीमती महादेवी गौड़, राजेश कुशवाह और रामनिवास रावत ने कथित तौर पर फर्जी एनजीओ प्रमाणपत्र का इस्तेमाल कर प्रशासन की भूमि की एनजीओ के नाम रजिस्ट्री कराई और बाद में जमीन बेचकर धोखाधड़ी की। शिकायत पर कोतवाली पुलिस ने अपराध क्रमांक 222/25 में धारा 318(4), 336(3), 340 और 338(2) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। पुलिस के मुताबिक मामले में पहले ही आठ आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी थी, जबकि सीताराम गौड़ उम्र 52 वर्ष निवासी बृजधाम कॉलोनी, ठकुरपुरा शिवपुरी फरार था। उसकी गिरफ्तारी पर पुलिस अधीक्षक श्रीमती यांगचेन डोलकर भूटिया ने 25 अगस्त 2026 को 3000 रुपए का इनाम घोषित किया था। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रामदास प्रजापति और नगर पुलिस अधीक्षक सचिन कुमार धुर्वे के मार्गदर्शन में टीआई रोहित दुबे ने टीम गठित की। टीम ने 24 सितंबर को 26 नंबर कोठी के पीछे आरा मशीन के पास से सीताराम गौड़ को दबोच लिया। उक्त कार्रवाई में निरीक्षक रोहित दुबे, उनि. विवेक भट्ट, आर. कुलदीप चतुर्वेदी, बृजेन्द्र रावत और मुकेश वर्मा की विशेष भूमिका रही।


