एमटीएस से कॉलेज ग्रंथपाल तक का सफर, अक्षय आर्य ने मेहनत से हासिल किया लेवल-10 का मुकाम

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एमपीपीएससी परीक्षा-2022 में सफलता, बदरवास के शासकीय महाविद्यालय में ग्रंथपाल पद पर संभाला कार्यभार

शिवपुरी। सफलता किसी शॉर्टकट से नहीं, बल्कि निरंतर मेहनत, धैर्य और दृढ़ इच्छाशक्ति से हासिल होती है। शिवपुरी निवासी संतोष खटीक के सुपुत्र अक्षय आर्य ने अपनी संघर्षपूर्ण यात्रा से इसे साबित कर दिखाया है। एमपीपीएससी परीक्षा-2022 में चयनित होने के बाद अक्षय ने गुरुवार, 15 अक्टूबर को शासकीय महाविद्यालय बदरवास में ग्रंथपाल के पद पर कार्यभार ग्रहण किया। लेवल-10 के इस पद तक पहुंचने का उनका सफर युवाओं के लिए प्रेरणादायी है।

एमटीएस से शुरू हुआ सफर

अक्षय ने अपने करियर की शुरुआत कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) की तैयारी से की। मेहनत के दम पर उन्होंने एसएससी एमटीएस परीक्षा उत्तीर्ण की और उन्हें जबलपुर आवंटित हुआ। यह लेवल-1 का पद था, लेकिन इसी बीच उनकी मेहनत रंग लाई और केंद्रीय विद्यालय संगठन (केवीएस) में लेवल-7 के पुस्तकालयाध्यक्ष पद पर उनका चयन हो गया। उन्होंने एमटीएस के बजाय केवीएस में सेवा देने का निर्णय लिया।

बस्तर में दीं सेवाएं, फिर चुनी नई राह

अक्षय ने छत्तीसगढ़ के बस्तर अंचल स्थित पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय, कोंडागांव में दो वर्ष दस माह तक सेवाएं दीं। इसके बाद उच्च पद और बेहतर अवसर की दिशा में आगे बढ़ते हुए उन्होंने केवीएस से विधिवत त्यागपत्र दे दिया।

अब कॉलेज में ग्रंथपाल की जिम्मेदारी

एमटीएस के लेवल-1 से केंद्रीय विद्यालय के लेवल-7 और अब उच्च शिक्षा विभाग में लेवल-10 के ग्रंथपाल पद तक पहुंचकर अक्षय ने अपनी लगन और मेहनत की मिसाल पेश की है। उनकी इस उपलब्धि से परिवार, इष्टमित्रों और परिचितों में खुशी का माहौल है। अक्षय की सफलता संदेश देती है कि लक्ष्य स्पष्ट हो और प्रयास निरंतर हों, तो संघर्ष की सीढ़ियां सफलता की मंजिल तक पहुंचा सकती हैं।

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