पीएम आवास निर्माण में सुस्ती पर कलेक्टर सख्त, बदरवास-खनियाधाना के सीईओ, विकासखंड समन्वयक व आवास प्रभारी को नोटिस के निर्देश

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स्वच्छ भारत मिशन की प्रगति पर भी जताया असंतोष, पंचायतों को खुद कर वसूली बढ़ाने की नसीहत

शिवपुरी। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की योजनाओं में सुस्ती और निर्माण कार्यों की धीमी रफ्तार पर कलेक्टर अर्पित वर्मा ने सख्त रुख अपनाया है। मंगलवार को आयोजित समीक्षा बैठक में उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना में अपेक्षित प्रगति नहीं मिलने पर बदरवास और खनियाधाना के जनपद सीईओ, विकासखंड समन्वयक तथा प्रधानमंत्री आवास योजना के प्रभारी परियोजना अधिकारी को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। साथ ही अधिकारियों को फील्ड में उतरकर योजनाओं की वास्तविक स्थिति जांचने और निर्माण कार्य समयसीमा में पूरे कराने की हिदायत दी। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी विजय राज सहित समस्त परियोजना अधिकारी, जनपद सीईओ, सहायक यंत्री और विकासखंड समन्वयकों की मौजूदगी में हुई बैठक में कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही और निर्माण कार्यों में देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी जनपद सीईओ को नियमित मैदानी भ्रमण कर विकास कार्यों की निगरानी करने के निर्देश दिए।

आवास की किस्तों में देरी नहीं हो

प्रधानमंत्री आवास योजना की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने निर्देश दिए कि हितग्राहियों की पहली किस्त अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रखी जाए। ब्लॉक समन्वयक लगातार गांवों का दौरा करें और आवास निर्माण की प्रगति सुनिश्चित करते हुए अधूरे मकानों को समयसीमा में पूरा कराएं। बैठक में विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन ग्रामीण (वीबी-जी-राम-जी) की भी समीक्षा की गई।

कर वसूली बढ़ाने पर जोर, अधिकारी को नोटिस

कलेक्टर वर्मा ने ग्राम पंचायतों में स्वकराधान के प्रति ग्रामीणों को प्रेरित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि छोटी-छोटी राशि के नियमित संग्रह से पंचायतों के पास विकास कार्यों के लिए अतिरिक्त धनराशि जुटाई जा सकती है। स्वच्छ भारत मिशन और स्वकराधान में असंतोषजनक प्रगति मिलने पर प्रभारी अधिकारी सत्यमूर्ति पांडे को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए।

निर्माण की गुणवत्ता से समझौता नहीं

बैठक में ग्रामीण यांत्रिकी सेवा द्वारा बनाए जा रहे नवीन आंगनबाड़ी भवनों को तय समयसीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा करने को कहा गया। मध्यान्ह भोजन योजना के प्रभारी अधिकारी को सभी विकासखंडों का नियमित निरीक्षण करने तथा अनियमितता मिलने पर संबंधित स्वयं सहायता समूहों को हटाकर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। वहीं, अपूर्ण और अक्रियाशील गौशालाओं की समीक्षा करते हुए जनपद सीईओ को नियमित निरीक्षण कर उनके संचालन की स्थिति सुधारने के निर्देश दिए गए।

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