कथा में पूर्व मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा, दंदरौआ सरकार धाम के श्रीरामदास जी महाराज समेत अनेक संतों ने सहभागिता कर व्यासपीठ का पूजन किया। लाखों श्रद्धालु कथा स्थल पर उपस्थित रहे, जहाँ बाल लीलाओं, पूतना वध, यम द्वितीय और श्रीकृष्ण–रूकमणि विवाह प्रसंग का विस्तृत वर्णन हुआ।
शनिवार को दीक्षा महोत्सव
मुख्य यजमान ऊषा–रामप्रकाश गुप्ता एवं शिल्पी–कपिल गुप्ता परिवार के सहयोग से शनिवार को सुबह 10 बजे से गुरूदीक्षा महोत्सव होगा, जिसमें पंजीकृत शिष्यों को बागेश्वरधाम से गुरूदीक्षा प्रदान की जाएगी।
रविवार लगेगा दिव्य दरबार, दूर होंगी प्रेत बाधाएँ
30 नवम्बर को पं. धीरेन्द्र शास्त्री द्वारा विशेष विधि से तंत्र-मंत्र, टोना–टोटका एवं प्रेत बाधाओं से मुक्ति दिलाई जाएगी। श्रद्धालुओं से एक नारियल लाल कपड़े में लपेटकर लाने का आग्रह किया गया है। कथा विश्राम दिवस पर विशाल दिव्य दरबार भी आयोजित होगा, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं की समस्याएँ सुनी जाएँगी। कथा में वृद्धजनों के लिए अलग व्यवस्था की गई और कई को मंच पर लाकर आरती कराई गई।
जानकी सेना द्वारा सुंदरकाण्ड पाठ 29 को
जानकी सेना संगठन द्वारा 29 नवम्बर को सुबह 10:30 बजे से 2100 सदस्यों के साथ संगीतमय सुंदरकाण्ड पाठ किया जाएगा। इसके बाद छठवें दिवस की कथा का श्रवण कराया जाएगा।


