जल सुरक्षा-जल संरक्षण-जल सुनवाई के जरिए हर घर स्वच्छ पेयजल का संकल्प
शिवपुरी। प्रदेशवासियों को स्वच्छ, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध कराने की दिशा में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से स्वच्छ जल अभियान का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि जल सुरक्षा, जल संरक्षण और जल सुनवाई इस अभियान के तीन मजबूत स्तंभ हैं, जिनके माध्यम से नागरिकों को शुद्ध पेयजल सुनिश्चित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि दूषित पेयजल की आपूर्ति किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं होगी। पेयजल की नियमित गुणवत्ता जांच की जाए और कहीं भी दूषण पाए जाने पर तुरंत वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि जल सुनवाई के माध्यम से आमजन को अपनी शिकायत व सुझाव रखने का अवसर मिलेगा और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। अभियान का संचालन दो चरणों में होगा। प्रथम चरण 10 जनवरी से 28 फरवरी 2026 और द्वितीय चरण 1 मार्च से 31 मई 2026 तक। इस दौरान जल शोधन यंत्रों व पेयजल टंकियों की नियमित सफाई, पाइपलाइनों में दूषित जल के मिश्रण पर सख्ती तथा जीआईएस मैप आधारित एप से निगरानी की जाएगी।
आधुनिक तकनीक से होगी निगरानी
जीआईएस मैप पर पेयजल व सीवेज पाइपलाइनों की मैपिंग, इंटर प्वाइंट सेक्शन का चिन्हांकन और रोबोटिक तकनीक से लीकेज की जांच की जाएगी। सभी जल स्रोतों की गुणवत्ता जांच और एसटीपी की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित होगी।
नागरिक सहभागिता पर जोर
हर मंगलवार जल सुनवाई आयोजित की जाएगी। पेयजल संबंधी शिकायतें 181 पर दर्ज होंगी और समय-सीमा में निराकरण कर आवेदक को सूचित किया जाएगा। इस अवसर पर एनआईसी शिवपुरी के वीसी कक्ष में कलेक्टर रवीन्द्र कुमार चौधरी सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।


