64 केंद्रों पर 12वीं के 13,495 विद्यार्थी शामिल, 10वीं उर्दू में केवल 16 ने दी परीक्षा
शिवपुरी। माध्यमिक शिक्षा मंडल, मध्यप्रदेश की बोर्ड परीक्षाएं जिले में कड़ी निगरानी और प्रशासनिक सतर्कता के बीच जारी हैं। शुक्रवार को 10वीं और 12वीं दोनों कक्षाओं के महत्वपूर्ण प्रश्नपत्र आयोजित हुए। 12वीं में फिजिक्स, अर्थशास्त्र, एनिमल हसबेंडरी, विज्ञान के तत्व एवं भारतीय कला का इतिहास विषय की परीक्षा सम्पन्न हुई, जबकि 10वीं कक्षा का उर्दू विषय का प्रश्नपत्र भी शांतिपूर्वक संपन्न हुआ।
सुबह 8:30 बजे जिला शिक्षा अधिकारी विवेक श्रीवास्तव उत्कृष्ट विद्यालय केंद्र पहुंचे। यहां परीक्षार्थियों के प्रवेश से पहले सघन सर्चिंग प्रक्रिया का जायजा लिया और तैनात अमले को स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। इसके बाद वे अंचल के केंद्रों के निरीक्षण के लिए रवाना हुए।
6 केंद्रों पर सिर्फ 16 ने दिया उर्दू का पेपर
10वीं के उर्दू विषय में जिलेभर में मात्र 19 परीक्षार्थी नामांकित थे, जो छह केंद्रों पर दर्ज थे। इनमें से तीन अनुपस्थित रहे और 16 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी। शिवपुरी विकासखंड में 9, नरवर में 3 और बदरवास में 4 परीक्षार्थी शामिल हुए, जबकि पोहरी का एकमात्र परीक्षार्थी गैरहाजिर रहा। कम संख्या के बावजूद सभी केंद्रों पर पूर्ण स्टाफ और व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गईं।
64 केंद्रों पर 12वीं के 13,495 परीक्षार्थी शामिल
जिला परीक्षा प्रभारी राजा बाबू आर्य के अनुसार 12वीं के विभिन्न विषयों में 13,725 परीक्षार्थी नामांकित थे। इनमें से 13,495 उपस्थित रहे, जबकि 230 अनुपस्थित रहे। सर्वाधिक 58 अनुपस्थित शिवपुरी विकासखंड और 53 करैरा विकासखंड में दर्ज किए गए। प्रश्नपत्र कलेक्टर प्रतिनिधियों की उपस्थिति में थानों से सुरक्षित केंद्रों तक पहुंचाए गए और नियत समय पर पैकेट खोले गए।
डीईओ बैराड, डीपीसी नरवर तो परीक्षा प्रभारी पहुंचे अमोलपठा
डीईओ की टीम ने बैराड़, पोहरी, गोंजालो गार्सिया व संदीपनी उमावि सहित कई केंद्रों का निरीक्षण किया। डीपीसी दफेदार सिंह सिकरवार एवं एपीसी अतर सिंह राजोरिया ने नरवर व मगरौनी के केंद्रों का जायजा लिया। जिला परीक्षा प्रभारी राजा बाबू आर्य की टीम अमोलपठा जैसे संवेदनशील केंद्रों तक पहुंची। वहीं अन्य अधिकारियों व एसडीएम ने भी अपने-अपने क्षेत्रों में निरीक्षण किया।
इनका कहना है
सभी 64 केंद्रों पर परीक्षा शांतिपूर्ण, विधिवत और व्यवस्थित ढंग से संचालित हुई। कहीं भी नकल का प्रकरण दर्ज नहीं हुआ।
विवेक श्रीवास्तव, जिला शिक्षा अधिकारी शिवपुरी


