शिवपुरी। करैरा पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ निर्णायक और प्रभावी कार्रवाई करते हुए ब्लैकमेलिंग व तथाकथित डिजिटल गिरफ्तारी का डर दिखाकर ठगी करने वाले संगठित गिरोह को बेनकाब कर दिया है। इस बड़ी कार्रवाई में 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि 10 फरार आरोपियों की तलाश के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। जांच में अब तक 2 लाख 55 हजार 544 रुपये की ठगी का खुलासा हुआ है। उक्त कार्रवाई करैरा एसडीओपी डॉ. आयुष जाखड़ एवं करैरा टीआई विनोद सिंह छावई के कुशल नेतृत्व में करैरा पुलिस टीम द्वारा अंजाम दी गई।
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी महिलाओं के नाम से फर्जी व्हाट्सएप अकाउंट बनाकर लोगों को वीडियो कॉल करते थे। कॉल के दौरान अश्लील वीडियो रिकॉर्ड कर लिया जाता और फिर खुद को पुलिस अधिकारी बताकर बलात्कार, चाइल्ड पोर्नोग्राफी जैसे गंभीर अपराधों में फंसाने की धमकी दी जाती थी। भय और सामाजिक बदनामी का दबाव बनाकर पीडि़तों से केस सेटलमेंट के नाम पर अलग-अलग बैंक खातों में मोटी रकम ट्रांसफर कराई जाती थी। 1 मार्च 2026 को करैरा थाना पुलिस ने ऑपरेशन मैट्रिक्स के तहत खाता धारक शिवकुमारी लोधी के बैंक खाते की बारीकी से जांच की। जांच के दौरान यह तथ्य भी सामने आया कि मुख्य आरोपी अजेन्द्र लोधी ने ठगी की राशि मंगाने के लिए अपनी मां शिवकुमारी लोधी के नाम से खुले बैंक खाते का इस्तेमाल किया। खाते की जांच में 8 अलग-अलग शिकायतें दर्ज मिलीं, जिनमें 21 हजार 300 रुपये से लेकर 60 हजार रुपये तक की कुल 2 लाख 10 हजार 244 रुपये की धोखाधड़ी पाई गई। वहीं, आरोपी राहुल लोधी से जुड़े मोबाइल नंबर पर 45 हजार 300 रुपये की ठगी दर्ज है। इस प्रकार कुल ठगी की राशि 2 लाख 55 हजार 544 रुपये तक पहुंच गई। पूछताछ में स्पष्ट हुआ कि खाते का उपयोग उनके पुत्र अजेन्द्र लोधी व अंकेश लोधी द्वारा किया जा रहा था। तकनीकी साक्ष्य और कड़ी पूछताछ के बाद पूरे ठगी नेटवर्क की परतें खुलती चली गईं। इस मामले में थाना करैरा में अपराध क्रमांक 151/26 अंतर्गत धारा 319(2), 318(2) बीएनएस तथा 66(सी), 66(डी) आईटी एक्ट के तहत कुल 14 आरोपियों के विरुद्ध प्रकरण पंजीबद्ध किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों में प्रिंस राय उम्र 24 वर्ष, राहुल लोधी उम्र 25 वर्ष, अजेन्द्र लोधी उम्र 25 वर्ष एवं अंकेश लोधी सभी करैरा क्षेत्र के निवासी हैं। आरोपियों से जप्त सामग्री में 4 मोबाइल फोन अनुमानित कीमत लगभग 90,000 रूपए बताई गई है। पुलिस ने अपील की है कि किसी भी अज्ञात कॉल या वीडियो कॉल पर निजी जानकारी साझा न करें। डिजिटल गिरफ्तारी या ब्लैकमेलिंग की धमकी मिलने पर तुरंत नजदीकी थाना या साइबर हेल्पलाइन 1930 पर सूचना दें।


