शिवपुरी। एसआरबीएस मेडिकल कॉलेज में पीडियाट्रिक ऑर्थोपेडिक्स पर आयोजित एकदिवसीय सीएमई ने क्लब फुट (सीटीईवी) के इलाज को लेकर नई उम्मीद जगाई। अस्थि रोग विभाग की इस पहल में 40 से अधिक विशेषज्ञों, डॉक्टरों, नर्सिंग व पैरामेडिकल स्टाफ ने भाग लेकर आधुनिक तकनीकों का प्रशिक्षण लिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती पूजन एवं दीप प्रज्वलन से हुआ। मुख्य अतिथि प्रोफेसर एवं एचओडी डॉ. इला गुजरिया ने कहा कि ऐसे आयोजन चिकित्सा क्षेत्र में ज्ञान को व्यवहार में बदलने का माध्यम हैं। मुख्य वक्ता डॉ. पुष्प वर्धन मंडलेचा ने बताया कि क्लब फुट जन्मजात विकृति है, जो हर 1000 में 1-2 बच्चों को प्रभावित करती है। समय रहते उपचार शुरू हो जाए तो पोंसेटी कास्टिंग टेक्निक से 95 प्रतिशत से अधिक मामलों में बिना बड़ी सर्जरी के इलाज संभव है। उन्होंने अभिभावकों से नवजात के पैरों की तुरंत जांच कराने की अपील की। अस्थि रोग विभागाध्यक्ष डॉ. पंकज शर्मा ने सीटीईवी की संरचना, प्रकार और उपचार प्रक्रिया पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मेडिकल कॉलेज में प्रत्येक बुधवार को विशेष सीटीईवी क्लीनिक संचालित हो रहा है, जहां बच्चों का नि:शुल्क इलाज किया जा रहा है। साथ ही आत्मनिर्भर भारत के तहत चल रहे प्रोजेक्ट से ब्रेसिंग व फॉलोअप की सुविधा भी दी जा रही है। सीएमई की विशेषता रही लाइव वर्कशॉप, जिसमें डॉ. सोनेंद्र शर्मा, डॉ. निशांत वर्मा सहित टीम ने कास्टिंग व टेनोटॉमी का प्रैक्टिकल प्रशिक्षण दिया। कार्यक्रम अधिष्ठाता डॉ. डी. परमहंस व अधीक्षक डॉ. आशुतोष चोरिषि के मार्गदर्शन में सफल रहा, जबकि अनुष्का फाउंडेशन की सहभागिता उल्लेखनीय रही।


