सार्वजनिक वितरण प्रणाली में गड़बड़ी उजागर, दो उचित मूल्य दुकानों के संचालकों पर केस दर्ज

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हजारों किलो गेहूं-चावल गबन का आरोप, आवश्यक वस्तु अधिनियम में मामला दर्ज

शिवपुरी। जिले में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) में गड़बड़ी के मामले में प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जांच में खाद्यान्न की हेराफेरी और पात्र हितग्राहियों को राशन न देने के आरोप सही पाए जाने पर बदरवास थाना क्षेत्र की दो उचित मूल्य दुकानों के संचालकों के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3/7 के तहत मामला दर्ज किया गया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी गौरव कदम द्वारा अनुविभागीय अधिकारी राजस्व कोलारस के निर्देश पर थाना बदरवास में शिकायत प्रस्तुत की गई। जांच में प्राथमिक वनोपज सहकारी संस्था बरैह द्वारा संचालित शासकीय उचित मूल्य दुकान तिलातिली के विक्रेता हरपाल जाटव पर गंभीर अनियमितताओं के आरोप पाए गए। 28 जनवरी 2026 को की गई जांच में सामने आया कि दुकान नियमित रूप से नहीं खोली जा रही थी और हितग्राहियों को पात्रता के अनुसार राशन नहीं दिया जा रहा था। जांच में गेहूं, चावल, नमक सहित एमडीएम व आईसीडीएस योजना का हजारों किलो खाद्यान्न खुर्द-बुर्द होना पाया गया। इसी तरह दूसरी कार्रवाई में आदर्श किसान बीज प्रक्रिया प्रसंस्करण सहकारी संस्था कोलारस द्वारा संचालित शासकीय उचित मूल्य दुकान सेसई खुर्द की जांच में भी बड़ा गड़बड़झाला सामने आया। जांच रिपोर्ट के अनुसार दुकान के प्रबंधक हार्दिक गुप्ता और विक्रेता मनोज सिंह जाटव पर दुकान नियमित न खोलने, हितग्राहियों को राशन न देने और गेहूं, चावल, शक्कर व नमक सहित हजारों किलो खाद्यान्न में हेराफेरी करने के आरोप प्रमाणित पाए गए। दोनों मामलों में जांच प्रतिवेदन, पंचनामा, स्टॉक रिपोर्ट और हितग्राहियों के बयान के आधार पर कार्रवाई की गई है। अधिकारियों के अनुसार यह कृत्य मध्यप्रदेश सार्वजनिक वितरण प्रणाली (नियंत्रण) आदेश 2015 का उल्लंघन है, जो आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के तहत दंडनीय अपराध है। पुलिस ने दोनों प्रकरणों में अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है, जिससे जिले में राशन व्यवस्था में गड़बड़ी करने वालों में हड़कंप मच गया है।

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