हाईटेंशन लाइन ने छीनी दो जिंदगियां, कोलारस में दर्दनाक हादसे से उजड़ गया परिवार

MP DARPAN
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शिवपुरी। कोलारस थाना क्षेत्र में शुक्रवार की सुबह एक ऐसा हृदयविदारक हादसा हुआ, जिसने हर किसी की आंखें नम कर दीं। भूसा लेने निकला एक बंजारा परिवार कुछ ही पलों में मातम में बदल गया, जब उनकी ट्रैक्टर-ट्रॉली हाईटेंशन बिजली लाइन की चपेट में आ गई। इस दर्दनाक घटना में एक 30 वर्षीय महिला और 7 साल के मासूम बच्चे की जिंदा जलकर मौत हो गई, जबकि दो अन्य जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे हैं।

राजस्थान के बारां जिले के खेड़ली गांव से हर साल की तरह इस बार भी बंजारा परिवार रोजी-रोटी की तलाश में कोलारस आया था। खेतों के पास डेरा डालकर यह परिवार भूसा खरीदने का काम करता था। शुक्रवार सुबह भी सब कुछ सामान्य था। परिवार के लोग ट्रैक्टर-ट्रॉली में सवार होकर भूसा लेने निकले थे। किसी को अंदाजा नहीं था कि यह सफर उनकी जिंदगी का आखिरी सफर बन जाएगा। जैसे ही ट्रैक्टर देहरदा से डोडयाई की ओर कच्चे रास्ते पर बढ़ा, ट्रॉली में लगे लोहे के लंबे पाइप अचानक ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन लाइन से टकरा गए। पल भर में ट्रैक्टर-ट्रॉली करंट की चपेट में आ गई। तेज बिजली प्रवाह ने सब कुछ झुलसा दिया। ट्रॉली में बैठी लीला बाई को संभलने का मौका तक नहीं मिला, करंट लगते ही उनकी साड़ी में आग भड़क उठी और वे चीख भी न सकीं। वहीं उनके पास बैठा 7 साल का मासूम अनिल भी करंट की चपेट में आकर बुरी तरह झुलस गया। यह दृश्य इतना भयावह था कि पास मौजूद लोग कुछ समझ ही नहीं पाए। चीख-पुकार के बीच कुछ ही क्षणों में लीला बाई उम्र 30 वर्ष की जिंदगी खत्म हो गई। अनिल को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। एक मां और मासूम बेटे की इस तरह मौत ने पूरे इलाके को झकझोर दिया। हादसे के दौरान विनोद बंजारा उम्र 27 वर्ष और केशर बाई करंट लगते ही ट्रैक्टर से दूर जा गिरे। यह उनका सौभाग्य था कि उनकी जान बच गई, लेकिन वे गंभीर रूप से झुलस गए हैं और अस्पताल में जिंदगी के लिए संघर्ष कर रहे हैं। घटना के बाद जब परिजन अस्पताल पहुंचे, तो वहां का मंजर बेहद मार्मिक था। रोते-बिलखते परिजन, बेजान पड़े अपनों के शव और चारों ओर पसरा सन्नाटा, हर किसी की आंखें नम कर गया। जो परिवार सुबह उम्मीदों के साथ निकला था, वह कुछ ही घंटों में बिखर गया। यह हादसा सिर्फ एक दुर्घटना नहीं, बल्कि एक कड़वा सच है कि लापरवाही और अनजाने खतरे किस तरह पलभर में जिंदगियां छीन लेते हैं। हाईटेंशन लाइन के नीचे से गुजरते समय जरा सी चूक ने दो जिंदगियां खत्म कर दीं और एक परिवार को हमेशा के लिए गहरे दर्द में डुबो दिया।

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