पीएम पोषण योजना की समीक्षा में सख्त निर्देश, 2,500 स्कूलों के 1.93 लाख विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण, स्वच्छ और पौष्टिक भोजन सुनिश्चित करने के आदेश
शिवपुरी। जिले में प्रधानमंत्री पोषण (मध्याह्न भोजन) योजना को लेकर कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट श्री अर्पित वर्मा ने सख्त रुख अपनाते हुए स्पष्ट कर दिया कि बच्चों के भोजन की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं होगा। समीक्षा बैठक में उन्होंने निर्देश दिए कि मध्याह्न भोजन वितरण में लापरवाही बरतने वाले स्व-सहायता समूहों को तत्काल हटाया जाए और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही भी तय की जाए।
कलेक्टर ने कहा कि बच्चों का स्वास्थ्य सर्वोच्च प्राथमिकता है। स्कूलों और आंगनबाडिय़ों में स्वच्छ, पौष्टिक एवं निर्धारित मानकों के अनुरूप भोजन ही परोसा जाए। उन्होंने बरसात के मौसम को देखते हुए विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। जिन विद्यालयों में किचन शेड उपलब्ध हैं, वहां भोजन केवल किचन के भीतर ही बनाया जाए तथा खुले में खाना बनाने पर रोक रहे। साथ ही अच्छी गुणवत्ता वाले पैक बंद मसालों और सुरक्षित खाद्य सामग्री के उपयोग पर जोर दिया गया। बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि वे नियमित फील्ड निरीक्षण करें और भोजन की गुणवत्ता, मात्रा तथा स्वच्छता की स्वयं जांच करें। किसी भी स्तर पर अनियमितता मिलने पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। समीक्षा के दौरान योजना से जुड़े सभी रसोइयों की अनिवार्य ई-केवाईसी कराने के निर्देश भी दिए गए। वहीं नागरिक आपूर्ति निगम को समय-सीमा के भीतर खाद्यान्न का उठाव एवं परिवहन सुनिश्चित करने के आदेश दिए गए, ताकि विद्यालयों में भोजन वितरण प्रभावित न हो। जिले में वर्तमान में 2,500 स्कूलों के 1,93,524 विद्यार्थियों को पीएम पोषण योजना का लाभ मिल रहा है। इस व्यवस्था का संचालन 2,149 स्व-सहायता समूह कर रहे हैं। कलेक्टर ने जिला पंचायत की मध्याह्न भोजन प्रभारी सहित सभी ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों को लगातार औचक निरीक्षण करने के निर्देश दिए, ताकि बच्चों को हर दिन गुणवत्तापूर्ण और स्वच्छ भोजन मिल सके।


