देरी बर्दाश्त नहीं, लापरवाह ठेकेदारों पर होगी कार्रवाई : कलेक्टर अर्पित वर्मा

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जल जीवन मिशन की समीक्षा में सख्त तेवर, 540 गांवों में तय समय पर जलापूर्ति शुरू करने के निर्देश

शिवपुरी। जिले में हर घर जल अभियान को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा कराने के लिए कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा ने गुरुवार को जिला जल एवं स्वच्छता मिशन की समीक्षा बैठक में अधिकारियों और ठेकेदारों को दोटूक संदेश दिया कि जल जीवन मिशन में किसी भी प्रकार की लापरवाही, घटिया निर्माण या अनावश्यक देरी अब स्वीकार नहीं होगी। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि काम में ढिलाई बरतने वाले ठेकेदारों को तत्काल नोटिस जारी कर कार्रवाई की जाए।

कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (पीएचई) विभाग और मध्यप्रदेश जल निगम की समूह एवं एकल नल-जल योजनाओं की प्रगति की बिंदुवार समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि जिले में स्वीकृत 504 एकल ग्राम नल-जल योजनाओं के तहत 3,22,711 नल कनेक्शन देने का लक्ष्य है, जिसके मुकाबले अब तक 1,75,061 परिवारों तक नल कनेक्शन पहुंचाए जा चुके हैं। इनमें 338 योजनाएं पूरी हो चुकी हैं। कलेक्टर अर्पित वर्मा ने शेष योजनाओं में तेजी लाकर शत-प्रतिशत लक्ष्य शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। मध्यप्रदेश जल निगम की समूह पेयजल योजनाओं की धीमी प्रगति पर कलेक्टर ने नाराजगी जताते हुए अधिकारियों से कहा कि विकास कार्यों में देरी किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि समय-सीमा का उल्लंघन करने वाले ठेकेदारों के खिलाफ सख्त प्रशासनिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। बैठक में ग्रामीण क्षेत्रों में पाइपलाइन निर्धारित गहराई से कम बिछाने की शिकायतों को भी गंभीरता से लिया गया। कलेक्टर ने एसडीएम पोहरी को मौके पर पहुंचकर पाइपलाइन की गहराई और निर्माण गुणवत्ता की जांच करने तथा शासन के मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। साथ ही जल संसाधन विभाग, बीएसएनएल और अन्य संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए, ताकि किसी भी निर्माण कार्य से जल जीवन मिशन प्रभावित न हो। संबंधित एसडीएम को नियमित मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी सौंपी गई। बैठक के अंत में कलेक्टर अर्पित वर्मा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि 540 गांवों में चल रही पेयजल योजनाओं को निर्धारित समय-सीमा में हर हाल में पूरा कर जलापूर्ति शुरू कराई जाए। बैठक में पीएचई के कार्यपालन यंत्री, मध्यप्रदेश जल निगम के अधिकारी तथा संबंधित क्षेत्रों के अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम) उपस्थित रहे।

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