राष्ट्र के वीर सपूतों के बलिदान से ही सुरक्षित है हमारा आज: एसपी अमन सिंह राठौड़
शिवपुरी। कर्तव्य, साहस और बलिदान का प्रतीक पुलिस स्मृति दिवस आज पूरे देश में श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाया गया। इसी क्रम में पुलिस लाइन शिवपुरी के पुलिस परेड ग्राउंड में आयोजित गरिमामय समारोह में पुलिस विभाग ने देश के अमर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके परिजनों का अभिनंदन किया। कार्यक्रम का शुभारंभ शहीद स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। इस अवसर पर जिला कलेक्टर रविंद्र कुमार चौधरी, पुलिस अधीक्षक अमन सिंह राठौड़, डीएफओ सुधांशु यादव, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संजीव मुले, एसडीओपी संजय चतुर्वेदी, रक्षित निरीक्षक अनिल कवरेती तथा थाना प्रभारी कोतवाली, देहात, फिजिकल और यातायात थाना के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।
एसपी अमन सिंह राठौड़ ने इस अवसर पर कहा कि 21 अक्टूबर 1959 का दिन भारतीय पुलिस इतिहास का गौरवशाली अध्याय है। इस दिन सीआरपीएफ की तीसरी बटालियन के 21 वीर जवान लद्दाख के हॉट स्प्रिंग क्षेत्र में देश की सीमाओं की रक्षा कर रहे थे, जब चीनी सेना के एक बड़े दस्ते ने उन पर घात लगाकर हमला कर दिया। मातृभूमि की रक्षा में 10 जवानों ने वीरगति प्राप्त की। उनकी शहादत की स्मृति में प्रत्येक वर्ष 21 अक्टूबर को पुलिस स्मृति दिवस मनाया जाता है। कार्यक्रम में वर्ष 2024-25 के दौरान देशभर में कर्तव्य-पथ पर शहीद हुए 191 पुलिस जवानों के नामों का वाचन किया गया, जिनमें मध्यप्रदेश के 11 जांबाज पुलिसकर्मी शामिल हैं। इन अमर वीरों को श्रद्धांजलि देते हुए उपस्थित जनसमूह की आंखें नम हो उठीं। पुलिस बैंड ने शोक धुन प्रस्तुत की और दो मिनट का मौन रखकर उन्हें नमन किया गया।
शहीद परिवारों को शॉल-श्रीफल देकर किया सम्मानित
इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक राठौड़ द्वारा शहीद पुलिसकर्मियों के परिवारजनों को शॉल और श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया गया। उन्होंने कहा कि पुलिस बल के प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी के लिए हमारे शहीद साथी प्रेरणा स्रोत हैं। उनका साहस और कर्तव्यनिष्ठा ही हमें नई ऊर्जा प्रदान करती है। उनके बलिदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता। कार्यक्रम के अंत में समस्त पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने राष्ट्र की एकता, अखंडता और कानून व्यवस्था की रक्षा के लिए पूर्ण निष्ठा और समर्पण के साथ कार्य करने का संकल्प लिया। समारोह में उपस्थित सभी अधिकारियों ने कहा कि शहीदों की अमर गाथाएं हमें सदैव कर्तव्यपथ पर डटे रहने की प्रेरणा देती रहेंगी।


