गरिमामय विदाई में छलका सम्मान, बोले- मेरी पारी का अंत भी शुरुआत जैसा ही उज्ज्वल
शिवपुरी। पीएचई विभाग में अपनी निष्कलंक छवि, सरल व्यवहार और अटूट कर्तव्यनिष्ठा के लिए पहचाने जाने वाले श्री दिनेश कुमार अष्ठाना को सेवानिवृत्ति पर भावभीनी एवं गरिमामय विदाई दी गई। यह समारोह महज़ एक औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि उस व्यक्तित्व को नमन करने का अवसर था जिसने वर्षों तक विभागीय कार्यसंस्कृति को ईमानदारी और गुणवत्ता की मिसाल दी।
विदाई समारोह में अपने संबोधन के दौरान अष्ठाना जी भावुक नजर आए, परंतु उनके शब्दों में वही दृढ़ता और सादगी झलक रही थी जिसने उनके पूरे सेवाकाल को परिभाषित किया। उन्होंने कहा कि मेरे जीवन की यह पारी ऐसी रही जिसका अंत भी शुरुआत जैसा ही चमकदार रहा। मैंने हमेशा काम को पूजा माना और जिम्मेदारी समझकर निभाया। यदि इंसान ईमानदारी से कर्तव्य निभाए, तो कोई भी परेशानी ज्यादा दिन टिक नहीं सकती। उनके इन शब्दों ने उपस्थित सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रेरित किया। समारोह में पीएचई विभाग के मुखिया ईई शुभम अग्रवाल ने अष्ठाना जी को विभाग की सच्ची पहचान बताया। उन्होंने कहा कि अष्ठाना जी ने अपने पूरे करियर में पारदर्शिता को सबसे बड़ी ताकत बनाया। वे हर चुनौती के समय सबसे आगे खड़े रहे और कभी भी कार्य की गुणवत्ता से समझौता नहीं किया। उन्होंने न केवल एक आदर्श कर्मचारी की भूमिका निभाई, बल्कि युवा अधिकारियों व कर्मचारियों के लिए मार्गदर्शक की तरह प्रेरणा बने। विदाई के क्षण बेहद भावुक रहे। सहकर्मियों ने फूलमालाओं और स्मृति चिन्ह भेंट कर उनके स्वस्थ, सुखद और सम्मानजनक जीवन की कामना की। इसी अवसर पर पीएचई विभाग के एसडीओ श्रीवास्तव को भी सेवानिवृत्ति पर शॉल-श्रीफल एवं अयोध्या स्थित भगवान राम की प्रतिमा भेंट कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के बाद अधिकारी स्वयं उन्हें वाहन तक छोड़ने पहुंचे, जो उनके प्रति स्नेह और सम्मान का जीवंत प्रतीक रहा। इस अवसर पर अष्ठाना जी की धर्मपत्नी सीमा अष्ठाना, दामाद धर्मेंद्र सक्सेना, भाई राजेश अष्ठाना, राहुल अष्ठाना सहित अन्य परिजन भी उपस्थित रहे।


