शिवपुरी। नरवाई जलाने पर पूरी तरह रोक लगाने और शिवपुरी जिले को नरवाई-विहीन जिला बनाने के लक्ष्य को लेकर कलेक्टर रवीन्द्र कुमार चौधरी ने प्रशासन और कृषक वर्ग को स्पष्ट दिशा दी है। उन्होंने कहा कि किसानों को गाँव-गाँव जाकर जागरूक किया जाएगा, लेकिन नियम तोडऩे वालों पर कड़ी कार्रवाई भी तय है।
जिलाधीश कार्यालय के सभाकक्ष में कलेक्टर चौधरी की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में कम्बाईन हार्वेस्टर मालिक/संचालक, बड़े व उन्नतशील कृषक तथा कृषक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए। बैठक में गेहूँ फसल की कटाई के बाद बचे अवशेष को स्ट्रारीपर मशीन से भूसा बनाकर निपटान करने की प्रक्रिया समझाई गई, जिससे पराली जलाने की आवश्यकता समाप्त हो सके। कलेक्टर चौधरी ने बताया कि रबी 2025 में जिले में लगभग 750 नरवाई जलाने की घटनाएँ सैटेलाइट के माध्यम से दर्ज हुई थीं। वर्ष 2026 में प्रशासन का लक्ष्य है कि एक भी घटना न हो। उन्होंने दो टूक कहा कि यदि कोई किसान नरवाई जलाते पाया गया, तो उसके विरुद्ध सख़्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, पूर्व में नरवाई जलाने वाले ग्रामों में अधिकारियों व कर्मचारियों द्वारा विशेष बैठकों और सभाओं का आयोजन कर किसानों को जागरूक किया जाएगा। बैठक में अपर कलेक्टर दिनेश चंद्र शुक्ला, उद्योग विभाग के प्रबंधक अरविंद महेश्वरी, उप संचालक कृषि पान सिंह करौरिया, कृषि व यंत्री विभाग के अधिकारी, सभी विकासखंडों के वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी, कृषक संगठन के प्रतिनिधि तथा लगभग 75 कम्बाईन हार्वेस्टर मालिक/संचालक एवं कृषक उपस्थित रहे।


