शिवपुरी। खाकी वर्दी की सख्त पहचान के बीच एक नन्हीं मुस्कान ने ऐसा पल रचा, जिसे देख हर चेहरा खिल उठा। स्थानीय पत्रकार राहुल अष्ठाना की छोटी बेटी तान्या की मुलाकात जब एसडीओपी संजय चतुर्वेदी से हुई, तो मासूमियत ने औपचारिकता की सारी दीवारें तोड़ दीं।
वर्दी में सजे अधिकारी को टकटकी लगाकर देख रही तान्या आखिर खुद को रोक नहीं पाई। उसने तोतली आवाज में कहा कि अंकल, मुझे भी आपके जैसा पुलिस अफसर बनना है। यह सुनते ही माहौल भावुक हो गया। वहां मौजूद लोगों के चेहरों पर मुस्कान थी, आंखों में अपनापन। एसडीओपी चतुर्वेदी ने भी एक सख्त अधिकारी की तरह नहीं, बल्कि स्नेही अभिभावक की तरह तान्या का हौसला बढ़ाया। उन्होंने कहा कि बच्चों की आंखों में देश सेवा का सपना देखना सबसे सुखद अनुभव है। तान्या जैसी नन्हीं सोच ही सुरक्षित भारत का भविष्य है। यह पल सिर्फ एक मुलाकात नहीं, बल्कि भरोसे का संकेत था- खाकी अब डर नहीं, प्रेरणा भी बन रही है। सुभाषपुरा थाना प्रभारी एसआई राजीव दुबे ने भी कहा कि अगर बच्चों को सही मार्गदर्शन और प्रोत्साहन मिले, तो वे देश का नाम रोशन कर सकते हैं। नन्हीं तान्या की यह इच्छा याद दिलाती है कि सपनों की कोई उम्र नहीं होती, बस एक प्रेरणा काफी होती है।


