पिछोर (नीरज गुप्ता)। नगर से करीब एक किलोमीटर दूर घने जंगल के बीच विराजमान मां बीजासेन मंदिर में चैत्र नवरात्रि के अवसर पर इस वर्ष भी आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा। मां के दरबार में प्रतिवर्ष लगने वाले मेले की तैयारियां तेज हो गई हैं, जहां दूर-दूर से श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं।
मंदिर से जुड़े सक्रिय भक्त एवं गहोई नवयुवक मंडल अध्यक्ष बिकास कनकने ने जानकारी देते हुए बताया कि सामाजिक संस्था हम साथ साथ हैं द्वारा गत वर्ष की तरह इस वर्ष भी 25 मार्च 2026 को मंदिर प्रांगण में विशाल कन्या भोज एवं सामूहिक भंडारे का आयोजन किया जा रहा है। आयोजन को सफल बनाने के लिए नगरवासियों से सहयोग की अपील की गई है। साथ ही क्षेत्र की सभी कन्याओं एवं श्रद्धालुओं से भंडारे में शामिल होकर प्रसाद ग्रहण करने का आग्रह किया गया है। मां बीजासेन मंदिर की मान्यता अत्यंत प्राचीन और चमत्कारी मानी जाती है। जनश्रुति के अनुसार एक भक्त को स्वप्न में मां ने दर्शन देकर इस स्थान पर मंदिर निर्माण का संकेत दिया था, जिसके बाद यहां पूजा-अर्चना शुरू हुई। पहले जहां यह क्षेत्र घने जंगल, जंगली जानवरों और डाकुओं के भय से वीरान था, वहीं आज यह आस्था का प्रमुख केंद्र बन चुका है। स्थानीय मान्यताओं के अनुसार यहां सच्चे मन से मां के दर्शन करने से भक्तों के कष्ट दूर होते हैं और मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। सुबह से ही मंदिर में दर्शन के लिए लंबी कतारें लग जाती हैं। विशेष रूप से नवरात्रि में यहां भक्तिमय माहौल चरम पर रहता है।


