पिछोर (नीरज गुप्ता)। पिछोर क्षेत्र में अवैध लकड़ी कारोबार धड़ल्ले से फल-फूल रहा है। स्थानीय सूत्रों के अनुसार लकड़ी तालों (टालों) पर हरे पेड़ों की लकड़ी की भरमार है, जिसे आरा मशीनों के माध्यम से चीरकर उत्तर प्रदेश के झांसी, ललितपुर, कानपुर सहित ग्वालियर, गुना और शिवपुरी तक सप्लाई किया जा रहा है।
बताया जा रहा है कि यह अवैध कारोबार लंबे समय से जारी है, लेकिन संबंधित सरकारी विभाग की ढिलाई के चलते इस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही। आरोप है कि विभागीय जांच केवल औपचारिकता बनकर रह गई है, जबकि पर्दे के पीछे मासिक वसूली के चलते अवैध कारोबार को संरक्षण मिल रहा है। पिछोर सहित आसपास के क्षेत्रों भौंती, मनपुरा, सिरसौद, खनियाधाना और बामौरकला में खुलेआम हरे पेड़ों की कटाई कर लकड़ी चिराई जा रही है। ग्रामीण इलाकों से बड़ी मात्रा में लकड़ी लाकर इन आरा मशीनों पर प्रोसेस की जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रभावशाली लोगों की पहुंच के कारण कार्रवाई में बाधा आती है, जिससे यह अवैध धंधा वर्षों से बिना रोक-टोक जारी है। अब देखने वाली बात यह होगी कि जिम्मेदार अधिकारी इस गंभीर मामले में कब तक ठोस कार्रवाई करते हैं या फिर यह अवैध कारोबार यूं ही चलता रहेगा।


