शिक्षक पात्रता परीक्षा अनिवार्यता के विरोध में शिक्षकों ने सांसद को सौंपा ज्ञापन, समाधान की मांग

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शिवपुरी। मध्यप्रदेश में वर्षों से कार्यरत शिक्षकों पर शिक्षक पात्रता परीक्षा की अनिवार्यता को लेकर चल रहे विवाद के बीच राज्य शिक्षक संघ ने नर्मदापुरम के सांसद दर्शन सिंह चौधरी के शिवपुरी आगमन पर उन्हें ज्ञापन सौंपकर इस मुद्दे के समाधान की मांग की।

राज्य शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष स्नेह सिंह रघुवंशी के नेतृत्व में शिक्षकों ने सांसद चौधरी का फूल-मालाओं से स्वागत कर अभिनंदन किया। इसके बाद शिक्षकों की ओर से उन्हें ज्ञापन सौंपते हुए मांग की गई कि इस मामले में प्रदेश और केंद्र सरकार स्तर पर न्यायसंगत समाधान कराया जाए। जिलाध्यक्ष स्नेह सिंह रघुवंशी ने बताया कि मध्यप्रदेश में शिक्षकों की नियुक्ति राज्य सरकार द्वारा समय-समय पर बनाए गए नियमों और विधिक प्रावधानों के अनुसार की गई है। प्रदेश के हजारों शिक्षक पिछले 25 से 30 वर्षों से निष्ठा, समर्पण और ईमानदारी के साथ शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने में योगदान दे रहे हैं। ऐसे में वर्तमान में सेवा दे रहे शिक्षकों पर शिक्षक पात्रता परीक्षा की अनिवार्यता लागू किए जाने से उनमें चिंता और असमंजस की स्थिति बन गई है। उन्होंने बताया कि इस विषय को लेकर देश के कुछ राज्यों द्वारा सर्वोच्च न्यायालय में पुनर्विचार याचिका भी दायर की जा चुकी है। राज्य शिक्षक संघ ने सांसद से आग्रह किया कि वे इस मुद्दे को सरकार के समक्ष रखकर शिक्षकों के हित में उचित पहल करें। इस दौरान स्वागत व ज्ञापन कार्यक्रम में प्रमुख रूप से राजेश पाठक, गुणसागर शर्मा, रामकृष्ण रघुवंशी, शरद निगम, बृजेंद्र भार्गव कुल्लू, उमेश करारे, परवेज खान, कमलकांत कोठारी, वीरेंद्र शिवहरे, लक्ष्मीनारायण कुशवाह, दीपक माझी, रामेश्वर गुप्ता, रमाकांत भार्गव, राजेश दांगी, पंकज पांडे, अभिषेक श्रीवास्तव, जगदीश धाकड़ सहित अनेक शिक्षक उपस्थित रहे।

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