शिवपुरी। जिले में भूमि नामांतरण प्रकरण में गंभीर अनियमितता सामने आने के बाद प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई की है। कलेक्टर रवीन्द्र कुमार चौधरी के निर्देश पर जांच के आधार पर एक सहायक ग्रेड-3 और एक पटवारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया, जबकि प्रभारी नायब तहसीलदार को भी उनके पद से हटाते हुए अन्यत्र कार्य के लिए आदेशित किया गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम जरगंवा अब्बल की भूमि से संबंधित शिकायत की जांच डिप्टी कलेक्टर एस.डी. धाकड़ द्वारा की गई। जांच में पाया गया कि श्वेता पत्नी प्रदीप शर्मा ने विक्रय पत्र के माध्यम से उक्त भूमि उमेश पुत्र चतुर्भुज गुप्ता को बेची थी। इसके आधार पर नायब तहसीलदार के आदेश से नामांतरण उमेश गुप्ता के नाम स्वीकृत कर राजस्व अभिलेखों में दर्ज भी कर दिया गया था। लेकिन बाद में बिना पुनर्विलोकन की अनुमति के आरसीएमएस पोर्टल पर नामांतरण प्रविष्टि को हटाकर फिर से पुराने मालिक का नाम दर्ज कर दिया गया, जो मध्यप्रदेश भू-राजस्व संहिता 1959 की धारा 51 के प्रावधानों के विरुद्ध पाया गया। जांच में यह भी सामने आया कि ग्राम जरगंवा की शासकीय भूमि सर्वे क्रमांक 247 में भी बिना सक्षम अनुमति के नए सर्वे नंबर बनाकर वेबजीआईएस आईडी के माध्यम से उन्हें सक्रिय-निष्क्रिय किया गया। प्रकरण में प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने पर लोकेन्द्र श्रीवास्तव (सहायक ग्रेड-3) और ब्रजेश यादव (पटवारी, हल्का सेमरा) को मप्र सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि में दोनों का मुख्यालय कलेक्टर कार्यालय शिवपुरी निर्धारित किया गया है। वहीं वृत दिनारा, तहसील करैरा के प्रभारी नायब तहसीलदार अशोक श्रीवास्तव को भी उनके पद से हटाकर जिला कार्यालय की भू-अभिलेख शाखा में कार्य के लिए आदेशित किया गया है। प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि मामले में आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।


