शिवपुरी। जिले में यातायात नियमों का पालन कराने की जिम्मेदारी जिन कंधों पर है, वही अधिकारी खुलेआम नियमों की धज्जियां उड़ाते नजर आ रहे हैं। शिवपुरी की आरटीओ रंजना कुशवाहा पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। ताजा मामला न्यू ब्लॉक स्थित नरहरि प्रसाद शर्मा चौराहे के पास का है, जहां उनकी गाड़ी बीच सड़क पर खड़ी देखी गई, जिससे यातायात बाधित हुआ।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि उनकी गाड़ी के शीशों पर काली फिल्म चढ़ी हुई पाई गई, जबकि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार इस पर सख्त प्रतिबंध है। आम नागरिक यदि ऐसा करते हैं तो तुरंत चालानी कार्रवाई की जाती है, लेकिन जब खुद जिम्मेदार अधिकारी ही नियमों को ताक पर रखें, तो सवाल उठना लाजिमी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर कोई आम व्यक्ति बीच सड़क पर वाहन खड़ा करता या काली फिल्म लगाता, तो अब तक भारी जुर्माना और कार्रवाई तय थी। लेकिन यहां पद का प्रभाव साफ नजर आ रहा है। यह दोहरा मापदंड न केवल कानून की साख को कमजोर करता है, बल्कि आम जनता के बीच गलत संदेश भी देता है। इस पूरे मामले ने आरटीओ कार्यालय की कार्यप्रणाली और पारदर्शिता पर भी सवालिया निशान लगा दिया है। क्या नियम सिर्फ आम जनता के लिए हैं? या फिर अधिकारियों के लिए अलग कानून चलता है?
इनका कहना है
वाहन पर किसी प्रकार की काली फिल्म नहीं लगी थी, बल्कि वह केवल सन प्रोटेक्शन नेट था। वहीं पार्किंग को लेकर उठे सवाल पर उन्होंने स्पष्ट किया कि वह स्वयं पार्किंग व्यवस्था का निरीक्षण करने मौके पर गई थीं।
रंजना कुशवाहा, आरटीओ शिवपुरी


