शिवपुरी। बैराड़ कस्बे में शनिवार दोपहर एक तेज धमाके ने अवैध मावा कारोबार का भंडाफोड़ कर दिया। तहसीलदार की कार्रवाई में एक घर के अंदर चल रही बिना लाइसेंस की मावा फैक्ट्री पकड़ी गई, जहां से सड़ा हुआ मावा, दूध, रिफाइंड और डिटर्जेंट जैसी संदिग्ध सामग्री बरामद हुई। प्रशासन ने तत्काल फैक्ट्री को सील कर दिया है और मामले की रिपोर्ट पोहरी एसडीएम को भेज दी गई है।
जानकारी के अनुसार बैराड़ में तहसीलदार निवास के पीछे स्थित एक मकान से करीब डेढ़ बजे अचानक जोरदार धमाके की आवाज आई, जिसके बाद धुएं का गुबार उठने लगा। धमाके से आसपास के लोग घबरा गए और मौके पर भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलते ही तहसीलदार द्रगपाल सिंह बैस मौके पर पहुंचे। उस समय मकान में ताला लगा हुआ था, जिसके बाद फायर ब्रिगेड और नगर परिषद की टीम को बुलाया गया। कुछ देर बाद फैक्ट्री संचालक विवेक गुप्ता भी मौके पर पहुंच गया। ताला खुलवाकर जब प्रशासनिक टीम ने अंदर जांच की तो अवैध मावा निर्माण का बड़ा खुलासा हुआ। मौके से करीब 1 क्विंटल सड़ा हुआ मावा, 50 किलो पन्नी में पैक मावा, 1 क्विंटल दूध, 15 किलो घी, एक कट्टी रिफाइंड, डिटर्जेंट और मावा बनाने में उपयोग होने वाली अन्य सामग्री बरामद हुई। इसके अलावा कढ़ाई, इलेक्ट्रिक भट्टी और लकड़ी की भट्टी भी पाई गई। पूछताछ में संचालक ने बताया कि वह पिछले छह माह से महावीर प्रसाद गुप्ता के मकान को किराए पर लेकर मावा बना रहा था, लेकिन खाद्य विभाग का कोई वैध लाइसेंस उसके पास नहीं मिला। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि भट्टी में लगे वाल्व के फटने से जोरदार धमाका हुआ था। तहसीलदार ने मौके पर ही मकान को सील कर दिया और पूरी रिपोर्ट पोहरी एसडीएम को भेज दी है। मामले में आगे खाद्य विभाग और प्रशासन द्वारा कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।


