डबरा। सामाजिक न्याय और समरसता के अग्रदूत महात्मा ज्योतिबा फुले की जयंती आज डबरा में उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाई गई। कार्यक्रम का नेतृत्व वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं प्रदेश महामंत्री एससी विभाग महाराज सिंह राजौरिया तथा पार्षद श्रीमती सुनीता राजौरिया ने किया, जहां विभिन्न समाजों के लोगों की सहभागिता ने आयोजन को खास बना दिया।
इस अवसर पर महाराज सिंह राजौरिया ने कहा कि महात्मा फुले ने उस दौर में शिक्षा और समानता की अलख जगाई, जब समाज गहरे भेदभाव में जकड़ा हुआ था। उन्होंने कहा कि महापुरुष किसी एक जाति या वर्ग के नहीं होते, उनका संघर्ष पूरी मानवता के लिए होता है। उन्होंने फुले के विचारों को आज के समाज में और अधिक प्रासंगिक बताते हुए उन्हें अपनाने का आह्वान किया। पार्षद सुनीता राजौरिया ने महात्मा फुले और माता सावित्रीबाई फुले के योगदान को याद करते हुए कहा कि महिलाओं की शिक्षा और अधिकारों की जो नींव आज दिखाई देती है, वह फुले दंपति के संघर्ष का परिणाम है। उन्होंने लोगों से अपने बच्चों को शिक्षित बनाने की अपील करते हुए कहा कि शिक्षा ही सामाजिक असमानता को खत्म करने का सबसे सशक्त माध्यम है। कार्यक्रम में पार्षद हरविंदर सिंह हीरा, सुमित साहू, कमलेश बाथम ने भी अपने विचार रखते हुए सामाजिक एकता और जागरूकता पर जोर दिया। अंत में सभी ने महात्मा फुले के चित्र पर पुष्प अर्पित कर सामाजिक समरसता और शिक्षा के प्रसार का संकल्प लिया। इस दौरान भगवान लाल कुशवाह, हरनाम सिंह रावत, रविंद्र सिंह रावत, एवरन सिंह रावत, राकेश शर्मा, कैलाश सत्या, अशोक चौरसिया, प्रमोद जाटव, राजू बघेल, राजेंद्र परिहार पेंटर, जितेंद्र पेंटर, सचिन गुप्ता, नितिन गुप्ता, मुकेश, मोहन सिंह केन, सूर्यवंशी कुशवाह और अजय गोस्वामी सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।


