एसडीएम अनूप श्रीवास्तव की कार्यनिष्ठा ने जीता लोगों का दिल
शिवपुरी। कर्तव्यनिष्ठा और जनसेवा का जज्बा क्या होता है, इसका जीवंत उदाहरण कोलारस के एसडीएम अनूप श्रीवास्तव ने पेश किया है। पैर में फ्रैक्चर होने और डॉक्टरों द्वारा आराम की सलाह दिए जाने के बावजूद उन्होंने अपनी जिम्मेदारियों से दूरी नहीं बनाई। मंगलवार को वे कार्यालय में पलंग पर बैठकर जनसुनवाई करते नजर आए और आमजन की समस्याएं सुनकर उनके निराकरण के निर्देश दिए।
चोट लगी, लेकिन जनसेवा नहीं रुकी
जानकारी के अनुसार हाल ही में क्षेत्रीय दौरे के दौरान एसडीएम अनूप श्रीवास्तव का पैर फिसल गया था, जिससे उनके पैर में फ्रैक्चर हो गया। उपचार के बाद पैर पर प्लास्टर चढ़ाया गया और चिकित्सकों ने उन्हें आराम करने की सलाह दी। इसके बावजूद उन्होंने घर पर रहने की बजाय कार्यालय पहुंचकर जनता की समस्याएं सुनना अधिक उचित समझा। कार्यालय में एक पलंग पर बैठकर उन्होंने सामने स्टडी टेबल लगवाई और वहीं से जनसुनवाई शुरू की। दूर-दराज के गांवों से अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे लोगों की शिकायतें सुनीं और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।
जनप्रतिनिधियों ने जाना स्वास्थ्य, की सराहना
एसडीएम की चोट की जानकारी मिलते ही क्षेत्र के कई जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक उनका हालचाल जानने अनुविभागीय कार्यालय पहुंचे। जनपद अध्यक्ष भरत सिंह चौहान, पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष रविंद्र शिवहरे, ओपी भार्गव, बलवीर निबोरिया और गुरप्रीत चीमा सहित अन्य लोगों ने उनसे मुलाकात कर शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की। सभी ने विपरीत परिस्थितियों में भी जनता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता और सेवा भाव की सराहना की।
जनता का बढ़ा प्रशासन पर भरोसा
जनसुनवाई में पहुंचे ग्रामीणों ने कहा कि अक्सर अधिकारियों की अनुपस्थिति से लोगों को परेशानी होती है, लेकिन एसडीएम श्रीवास्तव ने अपनी व्यक्तिगत पीड़ा को पीछे रखकर जिस तरह जनहित को प्राथमिकता दी है, उससे प्रशासन के प्रति लोगों का विश्वास और मजबूत हुआ है। उनका यह समर्पण क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।
जनता की सेवा ही प्राथमिकता : एसडीएम श्रीवास्तव
एसडीएम अनूप श्रीवास्तव ने कहा कि चोट ज्यादा गंभीर नहीं है। डॉक्टरों ने केवल आराम करने की सलाह दी है। मुझे लगा कि घर पर बैठकर समय बिताने से बेहतर है कि कार्यालय में रहकर लोगों की समस्याओं का समाधान किया जाए। जब तक संभव है, जनसेवा का कार्य जारी रहेगा।


