वारदात में इस्तेमाल पिकअप जब्त
शिवपुरी। नरवर के ऐतिहासिक किले से सैकड़ों वर्ष पुरानी तोप चोरी कर पुलिस और पुरातत्व विभाग को चुनौती देने वाले बदमाश आखिरकार कानून के शिकंजे में आ गए। करीब 15 दिन तक मध्यप्रदेश से राजस्थान तक चली हाई-प्रोफाइल पड़ताल के बाद शिवपुरी पुलिस और करौली (राजस्थान) पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल महिंद्रा बोलेरो पिकअप आरजे 34 जीए 2980 भी जब्त कर ली है। हालांकि चोरी गई ऐतिहासिक तोप की तलाश अभी जारी है और पुलिस को जल्द बड़ी सफलता मिलने की उम्मीद है।
15 जुलाई की रात नरवर किले के कचहरी महल से अज्ञात बदमाशों ने वहां सुरक्षित रखी 14 ऐतिहासिक तोपों में से एक तोप चोरी कर ली थी। अगले दिन ड्यूटी पर पहुंचे पुरातत्व विभाग के चौकीदार रमेश कोली ने तोप गायब देख अधिकारियों को सूचना दी। मामला ऐतिहासिक धरोहर से जुड़ा होने के कारण पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और थाना नरवर में भारतीय न्याय संहिता की धारा 303(2) के तहत प्रकरण दर्ज कर विशेष जांच शुरू की गई। पुलिस महानिरीक्षक अरविंद कुमार सक्सेना और उप पुलिस महानिरीक्षक डॉ. असित यादव के निर्देश पर पुलिस अधीक्षक यांगचेन डोलकर भूटिया ने मामले को प्राथमिकता देते हुए आरोपियों पर पहले 10 हजार रूपए का इनाम घोषित किया। गिरफ्तारी में देरी होने पर इनाम बढ़ाकर 30 हजार रूपए कर दिया गया। इसके बाद अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आर.डी. प्रजापति और एसडीओपी प्रशांत शर्मा के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। जांच के दौरान साइबर सेल ने सीसीटीवी फुटेज, टोल प्लाजा कैमरों और तकनीकी साक्ष्यों की बारीकी से पड़ताल की। इसी दौरान वारदात में इस्तेमाल महिंद्रा बोलेरो पिकअप का रजिस्ट्रेशन नंबर आरजे 34 जीए 2980 सामने आया। पुलिस ने वाहन की लोकेशन और मूवमेंट का पीछा करते हुए राजस्थान के करौली जिले तक सुराग जोड़ दिए। करौली जिले के पुलिस अधीक्षक लोकेश सोनवाल के निर्देशन में जिला स्पेशल टीम ने भी शिवपुरी पुलिस का सहयोग किया। 25 जुलाई को मुखबिर की सूचना पर थाना प्रभारी नरवर टीआई विनय यादव एवं थाना प्रभारी सुभाषपुरा उपनिरीक्षक अरविंद सिंह चौहान के नेतृत्व में संयुक्त टीम ने घेराबंदी कर अमन कुमार मीना निवासी पालनपुर, थाना सदर हिण्डौन, जिला करौली तथा टिम्मू राम मीना निवासी गांवडा मीना थाना सदर, जिला करौली (राजस्थान) को गिरफ्तार कर लिया। साथ ही घटना में प्रयुक्त करीब 6 लाख रूपए कीमत की महिंद्रा बोलेरो पिकअप जब्त कर ली गई। पुलिस अब दोनों आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है। जांच का फोकस चोरी गई ऐतिहासिक तोप की बरामदगी और इस अंतरराज्यीय वारदात में शामिल अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी पर है। इसके लिए विशेष पुलिस टीम को दोबारा राजस्थान भेजा गया है। नरवर किले की ऐतिहासिक धरोहर से जुड़ी इस चोरी ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल जरूर खड़े किए थे, लेकिन तकनीकी जांच, साइबर ट्रैकिंग, सीसीटीवी विश्लेषण और मध्यप्रदेश-राजस्थान पुलिस के प्रभावी समन्वय ने यह साबित कर दिया कि अपराधी चाहे कितनी भी दूर भाग जाएं, कानून की पकड़ से बच नहीं सकते। अब सबकी निगाहें उस ऐतिहासिक तोप की बरामदगी पर टिकी हैं, जिसे पुलिस जल्द बरामद करने का दावा कर रही है। इस कार्रवाई में एसडीओपी प्रशांत शर्मा, टीआई विनय यादव, उपनिरीक्षक अरविंद सिंह चौहान, सायबर सेल प्रभारी धर्मेन्द्र जाट, चौकी प्रभारी अभिमन्यु राजावत, उपनिरीक्षक मनोज सरयाम, सहायक उपनिरीक्षक राधाकृष्ण बंजारा, सतीष जयन्त, प्रधान आरक्षक प्रभजोत सिंह, आरक्षक नरेन्द्र सिंह मौर्य, भूपेन्द्र सिंह, शिवराज यादव, रोहित उपाध्याय तथा डीएसटी करौली प्रभारी राम कुमार सहित शिवपुरी और करौली पुलिस की संयुक्त टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।


