नियम तोड़ने वालों पर कड़ी कार्रवाई
शिवपुरी। सीएम हेल्पलाइन और जनसुनवाई में ग्रामीणों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन ने खनन माफियाओं सीएम हेल्पलाइन और जनसुनवाई में ग्रामीणों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन ने खनन नियमों की अनदेखी करने वाले क्रेशर संचालकों पर बड़ी कार्रवाई की है। कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा के निर्देश पर एसडीएम, तहसीलदार, खनिज अधिकारी और खनिज निरीक्षक की संयुक्त टीम ने ग्राम अटलपुर और ग्राम थरखेड़ा में कार्रवाई करते हुए दो क्रेशर तत्काल प्रभाव से सील कर दिए तथा खनन गतिविधियां बंद करा दीं।
ग्राम अटलपुर के ग्रामीणों ने शिकायत की थी कि खदानों में हो रही ब्लास्टिंग से कच्चे मकानों में दरारें पड़ रही हैं और खेतों में पत्थर गिरने से फसलें प्रभावित हो रही हैं। जांच के दौरान सर्वे नंबर 734/9/1 (रकबा 2.00 हेक्टेयर) पर श्रीमती शशि द्विवेदी तथा सर्वे नंबर 746/11 (रकबा 2.00 हेक्टेयर) पर श्री गणेश धाकड़ के स्वीकृत उत्खनन पट्टों में खनन योजना का उल्लंघन और 6 मीटर से अधिक गहराई तक उत्खनन पाया गया, जो म.प्र. गौण खनिज नियम, 1996 के नियम 30(5) एवं 30(24) का उल्लंघन है। इसके बाद दोनों खदानों का संचालन बंद कर क्रेशर सील किए गए तथा नियम 30(26) एवं 30(27) के तहत कारण बताओ नोटिस जारी किए गए। इसी प्रकार नरवर तहसील के ग्राम थरखेड़ा स्थित सर्वे नंबर 1408, 1406 एवं 1330 (कुल रकबा 1.06 हेक्टेयर) में संचालित कृष्णाआश्रय माइंस एंड मिनरलर्स कंपनी के क्रेशर का निरीक्षण किया गया। यहां प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की शर्तों का पालन नहीं मिला। एम-सैंड का परिवहन कर रहे एक डंपर के पास वैध दस्तावेज नहीं पाए जाने पर वाहन को अमोलपठा पुलिस चौकी की अभिरक्षा में खड़ा कराया गया। ग्रामीणों की फसलों, स्वास्थ्य और पर्यावरण पर पड़ रहे दुष्प्रभाव को देखते हुए यहां भी क्रेशर तत्काल सील कर दिया गया। कलेक्टर अर्पित वर्मा ने स्पष्ट किया कि जिले में अवैध खनन, नियमों की अनदेखी, प्रदूषण फैलाने और ग्रामीणों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ जिला टास्क फोर्स का अभियान लगातार जारी रहेगा। किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और नियमानुसार कठोर वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।


