शिवपुरी। मध्यप्रदेश राज्य अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष डॉ. कैलाश जाटव ने शिवपुरी प्रवास के दूसरे दिन विभागीय योजनाओं की गहन समीक्षा करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि अनुसूचित जाति वर्ग के लिए संचालित सभी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ समय पर और पारदर्शी तरीके से पात्र हितग्राहियों तक पहुंचे। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी कि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी स्तर की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
समीक्षा बैठक में पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति, अनुसूचित जाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत राहत राशि, सिविल सेवा प्रोत्साहन योजना, अंतर्जातीय विवाह प्रोत्साहन योजना, एससी बस्ती विकास तथा महर्षि वाल्मीकि प्रोत्साहन योजना सहित विभिन्न योजनाओं की प्रगति का आकलन किया गया। पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए महाविद्यालयों में निरीक्षण हेतु विशेष टीम गठित करने के निर्देश दिए गए। कृषि, पशुपालन, विद्युत, शिक्षा, मत्स्य पालन और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना सहित अन्य विभागों की भी समीक्षा की गई। डॉ. जाटव ने अनुसूचित जाति छात्रावासों की व्यवस्थाओं पर विशेष चिंता जताते हुए गुणवत्तापूर्ण भोजन, स्वच्छ पेयजल, साफ-सफाई और नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने छात्रावासों में राज्यपाल, प्रधानमंत्री तथा देश के महापुरुषों के चित्र लगाने की बात कही, ताकि विद्यार्थियों को उनके जीवन से प्रेरणा मिल सके। कन्या छात्रावासों में सुरक्षा व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर भी जोर दिया। ठकुरपुरा और करौंदी स्थित शासकीय अनुसूचित जाति सीनियर बालक छात्रावासों के औचक निरीक्षण के दौरान अधीक्षकों के अनुपस्थित मिलने और गंभीर लापरवाही सामने आने पर आयोग अध्यक्ष ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने जिम्मेदार छात्रावास अधीक्षकों के विरुद्ध तत्काल सख्त कार्रवाई के निर्देश देते हुए कहा कि विद्यार्थियों के भविष्य से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।


