6 से 14 साल का कोई भी बच्चा स्कूल से बाहर नहीं रहना चाहिए: डीपीसी सिकरवार

MP DARPAN
0

लापरवाह शिक्षकों को नोटिस, वहीं उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षक सम्मानित 

शिवपुरी। करैरा विकासखंड में शिक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के उद्देश्य से आयोजित समीक्षा बैठक में जिला परियोजना समन्वयक दफेदार सिंह सिकरवार ने स्पष्ट निर्देश दिए कि 6 से 14 वर्ष आयु का कोई भी बच्चा विद्यालय से बाहर नहीं रहना चाहिए। उन्होंने शाला प्रभारियों को घर-घर संपर्क कर शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, वहीं बैठक से अनुपस्थित शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के आदेश भी दिए।

कलेक्टर अर्पित वर्मा के निर्देश पर आयोजित बैठक में शासकीय एवं अशासकीय विद्यालयों की शैक्षणिक गतिविधियों, विद्यार्थियों की उपस्थिति, अपार आईडी, एफएलएन, उल्लास नवभारत साक्षरता अभियान तथा शासन की विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की गई। डीपीसी श्री सिकरवार ने कहा कि नामांकन के साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, नियमित उपस्थिति, स्वच्छ विद्यालय परिसर और बेहतर शैक्षणिक वातावरण पर भी विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने बताया कि विज्ञान मॉडल प्रतियोगिता में संभाग स्तर पर चयनित 20 मॉडलों में से 13 मॉडल करैरा विकासखंड के हैं, जो क्षेत्र की बड़ी उपलब्धि है। साथ ही नारही की उस छात्रा का उल्लेख किया, जिसे उत्कृष्ट प्रदर्शन पर राष्ट्रपति द्वारा सम्मानित किया जा चुका है। बैठक में उल्लास नवभारत साक्षरता अभियान की समीक्षा करते हुए वर्ष 2027 तक देश को पूर्ण साक्षर बनाने के लक्ष्य में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया गया। उत्कृष्ट कार्य करने वाले शाला प्रभारी रवि तिवारी और भानुप्रताप सिंह परमार सहित अन्य शिक्षकों को सम्मानित किया गया। अशासकीय विद्यालय संचालकों को स्कूल वाहनों की फिटनेस, वैध दस्तावेज, चालकों के लाइसेंस, गाइड की उपलब्धता और विद्यार्थियों की सुरक्षा संबंधी सभी व्यवस्थाएं समय पर सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। बैठक में एपीसी उमेश करारे, विकासखंड शिक्षा अधिकारी मुकेश शर्मा, बीआरसी विनोद तिवारी, संकुल प्राचार्य, बीएसी, जन शिक्षक, अशासकीय विद्यालय संघ के पदाधिकारी एवं विकासखंड के सभी शाला प्रभारी उपस्थित रहे।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें (0)
To Top